वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ो परियोजना (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vidarbha Irrigation Budget 2026: विदर्भ के लिए ‘गेम चेंजर’ मानी जा रही वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ों परियोजना सहित सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 6151 करोड़ रुपये निधि मंजूर की है। इस राशि से क्षेत्र की कुल 73 सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
जल संपदा विभाग ने लगभग 6300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार को भेजा था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 दिन पहले प्रस्तुत किए गए राज्य के बजट में इस प्रस्ताव के अनुसार निधि उपलब्ध कराई है। इसमें करीब 5500 करोड़ रुपये परियोजनाओं के निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे, जबकि लगभग 600 करोड़ रुपये बाढ़ नियंत्रण, लाभक्षेत्र विकास, विस्तार और सुधार कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
सरकार के इस निर्णय से विदर्भ की अधिकांश लंबित सिंचाई परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पश्चिम विदर्भ में पानी की कमी दूर करने के लिए वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ो परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी और यह क्षेत्र के लिए ‘गेम चेंजर’ सिद्ध होगी।
इस परियोजना को विधानसभा सत्र के पहले ही राज्य मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल चुकी है। बजट में इसकी अनुमानित लागत 95,000 करोड़ रुपये बताई गई है। फिलहाल सर्वेक्षण, डिजाइन और वन भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए 240 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा निम्न पेढ़ी, निम्न वर्धा और बेंबला परियोजनाओं के लिए भी लगभग 50-50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
| परियोजना | निधि |
|---|---|
| गोसीखुर्द | 1340 करोड़ रुपये |
| वैनगंगा-नलगंगा | 240 करोड़ रुपये |
| धापेवाड़ा चरण-2 | 100 करोड़ रुपये |
| दिंडोरा बैराज | 100 करोड़ रुपये |
| भेंडारा | 100 करोड़ रुपये |
| कन्हान (कोची बैराज) | 120 करोड़ रुपये |
| परियोजना | निधि (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| जीगांव | 1250 करोड़ रुपये |
| निम्न पैनगंगा | 255 करोड़ रुपये |
| ऊर्ध्व वर्धा | 75 करोड़ रुपये |
| वर्धा बैराज | 75 करोड़ रुपये |
| निम्न पेढ़ी | 51 करोड़ रुपये |
| पूर्णा बैराज | 70 करोड़ रुपये |
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पूर्व विदर्भ की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना की कुल लागत लगभग 25900 करोड़ रुपये है। वर्तमान में इसे पूरा करने के लिए करीब 5500 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इस वर्ष के बजट में इसके लिए 1340 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक इस परियोजना पर लगभग 19100 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
– नवभारत लाइव के लिए नागपुर से नितिन तोटेवार की रिपोर्ट