लाडकी बहिन योजना: 1 करोड़ 5 लाख महिलाएं होंगी अपात्र! जानें फडणवीस सरकार ने क्यों घटाया बजट

Ladki Bahin Yojana New Update: महाराष्ट्र की 'लाडकी बहिन योजना' में बड़ा बदलाव। पात्रता जांच के बाद करीब 1.05 करोड़ महिलाएं लाभार्थी सूची से बाहर हो सकती हैं। सरकार ने बजट में भारी कटौती की है।
Ladki Bahin Yojana Budget Cut
लाडकी बहिन योजना (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ladki Bahin Yojana Budget Cut: महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के तहत शुरुआत में लगभग 2 करोड़ 53 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही थी। उस समय इस योजना के लिए करीब 45 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। लेकिन अब पात्रता की जांच के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से बाहर हो सकती हैं।

अधिकारियों के अनुसार लगभग 1 करोड़ 5 लाख महिलाएं निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के बजट में केवल करीब 1.48 करोड़ लाभार्थियों के लिए 26,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस बार योजना के बजट में करीब 19 हजार करोड़ रुपये की कमी की गई है।

योजना के प्रमुख पात्रता मानदंड

  • लाभार्थी महिला की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • परिवार के पास ट्रैक्टर को छोड़कर कोई चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
  • एक परिवार में एक विवाहित और एक अविवाहित महिला ही लाभ ले सकती हैं।
  • महिला केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य व्यक्तिगत योजना की लाभार्थी नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2।5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • लाभार्थी महिला सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए।

जांच के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं अपात्र

लाडकी बहिन योजना के लिए शुरुआत में कम दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किया था और उन्हें कुछ महीनों तक लाभ भी मिला। लेकिन दिसंबर 2024 से पात्रता की विस्तृत जांच शुरू की गई। इस जांच के बाद अनुमान है कि करीब 1 करोड़ 5 लाख महिलाएं अपात्र घोषित हो सकती हैं।

योजना की वर्तमान स्थिति

  • शुरुआती लाभार्थी: 2.53 करोड़
  • शुरुआती बजट: 45,000 करोड़ रुपये
  • जांच के बाद संभावित पात्र लाभार्थी: 1,48,60,000
  • 2026-27 बजट में प्रावधान: 26,500 करोड़ रुपये
  • संभावित अपात्र महिलाएं: लगभग 1.05 करोड़

आय का मानदंड बना बड़ी वजह

इस योजना में परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होना जरूरी है। अब ई-केवाईसी के जरिए परिवार की वास्तविक आय का सत्यापन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई महिलाओं ने आगे की कार्रवाई से बचने के लिए अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है।

31 मार्च तक ई-केवाईसी अनिवार्य

सरकार ने ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख 31 मार्च तय की है। 1 अप्रैल से केवल वही महिलाएं हर महीने 1500 रुपये की सहायता प्राप्त करेंगी, जो सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करती होंगी। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रसाद मिरकले ने बताया कि सभी लाभार्थियों की आंगनवाड़ी सेविकाओं के माध्यम से जांच की गई है और पात्र महिलाओं को ही आगे योजना का लाभ दिया जाएगा।

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