महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा में नकलचियों पर गिरेगी गाज! नागपुर में 43 छात्र पकड़े गए, अब सुनवाई में तय होगी सजा
Maharashtra Board Exam: नागपुर विभाग में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान 43 छात्र नकल करते पकड़े गए। 18 मार्च के बाद विशेषज्ञों की समिति सजा तय करेगी, जिसमें परीक्षा प्रतिबंध भी संभव है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Board Exam Copying Cases: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा ली जा रही बोर्ड की परीक्षा में अब तक नागपुर विभाग में 43 नकलचियों को पकड़ा गया। इसमें पेपर लीक प्रकरण वाले छात्र सहित विविध केंद्रों पर नकल करने वाले परीक्षार्थियों का समावेश है। अब इन छात्रों की सुनवाई का दौर शुरू होगा। सुनवाई में छात्रों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद उनकी सजा तय होगी।
प्राय: नकल के मामलों में नकल के गंभीर स्वरूप के आधार पर सजा मिलती है। इसमें एक से लेकर तीन बार तक परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगाई जाती है। इस बार नागपुर विभाग में 12वीं में नकल के 27 और 10वीं में 16 मामले समाने आये हैं। इनमें पेपर लीक प्रकरण वाले छात्रों के साथ ही विविध केंद्रों पर नकल करते हुए पकड़े गये छात्रों का समावेश है।
18 मार्च को 10वीं का अंतिम पेपर होगा। इसके बाद सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। सुनवाई के दौरान छात्रों को उनका पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। छात्रों के जवाब और नकल संबंधी कार्रवाई के आधार पर बोर्ड की विशेषज्ञों की समिति सजा तय करेगी। इस बार 10वीं की तुलना में 12वीं में नकल के ज्यादा मामले सामने आये।
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पर्यवेक्षकों पर भी होगी कार्रवाई
एक ओर जहां नकलची छात्रों को सजा तय होगी, वहीं दूसरी ओर परीक्षा केंद्रों की मान्यता रद्द होने और पर्यवेक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जिन केंद्रों पर नकल के ज्यादा मामले सामने आये हैं, वहां कार्यरत केंद्र प्रमुख और पर्यवेक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने की सिफारिश बोर्ड द्वारा की जाएगी। वेतन वृद्धि रोकने का अधिकार शिक्षा विभाग को होता है। बोर्ड केवल सिफारिश ही कर सकता है। यही वजह है कि अब शिक्षकों की नजर बोर्ड की अगली कार्रवाई पर लगी हुई है।
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परीक्षा मंडल अध्यक्ष शिवलिंग पटवे ने कहा कि नकल के स्वरूप के आधार पर छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी। एक से लेकर तीन बार तक परीक्षा देने पर रोक लग सकती है। हर वर्ष परीक्षा से पहले छात्रों का मार्गदर्शन भी किया जाता है। इसके बाद भी छात्र नकल का रास्ता अपनाकर अपना ही नुकसान करते हैं। बोर्ड द्वारा विशेषज्ञों की समिति के समक्ष 18 मार्च के बाद से सुनवाई का दौर शुरू होगा।
