नागपुर में बढ़ते हिंसक अपराधों ने उड़ाई नींद, हत्या दर में देश में दूसरे स्थान पर ऑरेंज सिटी
NCRB Report 2024: नागपुर में हिंसक अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। हत्या दर में नागपुर देश के महानगरों में दूसरे और हिट एंड रन में तीसरे स्थान पर है। महिला सुरक्षा पर भी उठे सवाल।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Crime Rate: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट ने नागपुर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑरेंज सिटी के नाम से मशहूर यह शहर अब हिंसक अपराधों के मामले में देश के शीर्ष महानगरों की सूची में शामिल हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या, हिट-एंड-रन और महिला सुरक्षा जैसे पैमानों पर नागपुर की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
देश के 19 महानगरों में नागपुर दूसरे नंबर पर
NCRB के आंकड़े बताते हैं कि देश के 19 प्रमुख महानगरों में हत्या की दर के मामले में नागपुर दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट की सबसे चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि शहर में होने वाली अधिकांश हत्याएं किसी पूर्व नियोजित साजिश के तहत नहीं, बल्कि मामूली विवादों के कारण हो रही हैं।
- हत्या के मामले: वर्ष 2024 में कुल 88 हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें 90 लोगों की जान गई।
- हत्या के प्रयास: शहर में जानलेवा हमले या हत्या के प्रयास के 192 मामले सामने आए।
विश्लेषण के अनुसार, 30 हत्याएं महज मामूली कहा-सुनी और झगड़ों के कारण हुईं, जबकि 16 हत्याओं के पीछे पैसों के लेन देन का विवाद था। इसके अलावा पारिवारिक कलह और रंजिश भी मुख्य कारण रहे।
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दिल्ली और पटना के बाद नागपुर का नंबर
सड़क सुरक्षा के मामले में भी नागपुर की तस्वीर भयावह है। वर्ष 2024 में शहर में हिट एंड रन की 327 घटनाएं दर्ज की गईं। इस सूची में नागपुर, दिल्ली और पटना के बाद देश में तीसरे स्थान पर है। 2023 की तुलना में हिट एंड रन के मामलों में 18 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब यातायात प्रबंधन, ओवरस्पीडिंग और शहर के 1,300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का खराब होना अपराधियों को भागने में मदद कर रहा है।
यौन उत्पीड़न में शहर पांचवें स्थान पर
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी नागपुर की स्थिति संवेदनशील है। वर्ष 2024 में महिलाओं पर अत्याचार के कुल 1,513 अपराध दर्ज किए गए। यौन उत्पीड़न के 136 मामलों के साथ नागपुर देश के महानगरों में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और मानव तस्करी की घटनाओं में भी लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
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तीन वर्षों का तुलनात्मक ग्राफ
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस के दावों के विपरीत हिंसक अपराधों का ग्राफ ऊपर ही जा रहा है।
- 2022: 65 हत्याएं
- 2023: 79 हत्याएं
- 2024: 88 हत्याएं
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि कुल अपराधों में 8.89 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों की बढ़ती दर ने नागरिकों में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। 2024 में शहर में कुल 21,898 अपराध दर्ज किए गए, जो कानून व्यवस्था की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।
