RTO अधिकारी निलंबित,स्कूल वैन हादसे में 2 मौतों के बाद किरण बिडकर पर गिरी गाज, गडकरी की प्रशंसा भी न आई काम
Mankapur Flyover Accident: नागपुर के मानकापुर फ्लाईओवर पर स्कूल वैन और बस की टक्कर में छात्रा व ड्राइवर की मौत के बाद RTO किरण बिडकर निलंबित। बिना फिटनेस वाहन चलाने और लापरवाही के लगे आरोप।
- Written By: गोरक्ष पोफली
RTO किरण बिडकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur RTO Suspension: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानकापुर फ्लाईओवर पर हुई एक स्कूल वैन और बस की भिड़ंत में दो मौतों के बाद, राज्य गृह विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए नागपुर (शहर) के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (RTO) किरण बिडकर को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया है।
12 सितंबर को क्या हुआ था?
घटना 12 सितंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे की है। मानकापुर फ्लाईओवर पर भवन्स स्कूल की ओर जा रही एक स्कूल वैन (MH 31/EM 0036) और नारायणा विद्यालयम की स्कूल बस (MH 31/FC-1913) के बीच की भीषण टक्कर हो गई।
हादसा इतना भयावह था कि 15 वर्षीय छात्रा सान्वी खोब्रागडे और वैन ड्राइवर रितिक कनौजिया (24) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दुर्घटना में वैन में सवार 8 अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिस वैन में बच्चे सवार थे, उसके पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र तक नहीं था और वह तेज रफ्तार में चलाई जा रही थी।
सम्बंधित ख़बरें
विकास के दावों पर आंकड़ों की चोट, फंड नहीं मिला या खर्च नहीं किया? बागी सांसदों पर MPLADS रिपोर्ट से उठे सवाल
राजीव गांधी भवन का ‘अत्याधुनिक EOC’ केवल कचरा और पुलिस जांच तक सीमित; नासिक मनपा की बड़ी योजना पर उठे सवाल
एक क्लिक में दूर होगी खेती की हर समस्या, यवतमाल में Mahavistar AI App से जुड़े 1 लाख से अधिक लोग
नासिक रिंग रोड विवाद: CM आवास पर होने वाला आंदोलन 30 जून तक टला; मंत्री महाजन के आश्वासन पर किसान ने दी मोहलत
लापरवाही का संगीन आरोप और निलंबन
हादसे के बाद हुई प्राथमिक जांच में आरटीओ प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई। गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किरण बिडकर ने कार्यालय प्रमुख होने के नाते अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारी ढिलाई और लापरवाही बरती। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के स्कूल वाहनों का सड़कों पर दौड़ना सीधे तौर पर विभाग की विफलता माना गया। निलंबन अवधि के दौरान बिडकर को मुंबई स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी होगी और वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे।
गडकरी की प्रशंसा और होम मिनिस्ट्री का डंडा
इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ी विडंबना यह रही कि हादसे से कुछ महीने पहले, 2 मई को ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किरण बिडकर के कार्यों की जमकर सराहना की थी। गडकरी ने उन्हें एक प्रशंसा पत्र भी दिया था, जिसमें नागपुर में सड़क सुरक्षा, यातायात की पाठशाला और स्कूल बस चालकों के प्रशिक्षण जैसे नवाचारों को प्रेरणादायी और आदर्श बताया गया था। हालांकि, जमीनी हकीकत में एक बिना फिटनेस वाली गाड़ी ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, जिसके बाद गृह मंत्रालय को यह कठोर निर्णय लेना पड़ा।
यह भी पढ़ें: ड्यूटी कर रहे RTO इंस्पेक्टर को सरेआम दी गालियां, गाड़ी छोड़ने के लिए फर्जी केस में फंसाने की धमकी
फ्लाईओवर की बदहाली भी बनी कारण
हादसे के पीछे फ्लाईओवर की खराब स्थिति भी एक प्रमुख कारण रही। मानकापुर फ्लाईओवर का एक हिस्सा लंबे समय से सुधार कार्य के चलते बंद था, जिससे दोनों ओर का यातायात एक ही लेन से गुजर रहा था। सुरक्षा उपायों की कमी और आरटीओ की अनदेखी ने मिलकर इस काली सुबह को नागपुर के इतिहास में दर्ज कर दिया।
