नागपुर में मिशन मुक्ति 3 का आगाज, 2 दिनों में 78 लोगों का रेस्क्यू, शहर को भिखारी मुक्त बनाने की बड़ी पहल
Beggar Free Nagpur: नागपुर पुलिस और मनपा का मिशन मुक्ति 3 अभियान। 2 दिनों में 78 भिक्षुकों और बच्चों का रेस्क्यू। सीपी डॉ. रवीन्द्र सिंगल के नेतृत्व में पुनर्वास और चिकित्सा सहायता पर जोर।
- Written By: गोरक्ष पोफली
भिक्षुकों का रेस्क्यू (सोर्स: फाइल फोटो)
Mission Mukti 3 Nagpur: नागपुर को भिक्षा मुक्त और बाल मैत्री शहर बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक निर्णायक कदम उठाया है। नागपुर शहर पुलिस, महानगरपालिका (NMC) और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) के संयुक्त तत्वावधान में मिशन मुक्ति 3 अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के शुरुआती दो दिनों में ही सड़कों पर रहने वाले 78 भिक्षुकों, निराश्रितों और बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पुलिस और प्रशासन का संयुक्त समन्वय
पुलिस आयुक्त डॉ. रवीन्द्र सिंगल के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान के दूसरे चरण में सक्करदरा और इमामवाड़ा पुलिस की टीमों ने शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों जैसे राजा बाक्षा मंदिर, छोटा ताजबाग और बड़ा ताजबाग में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल सड़कों से लोगों को हटाना नहीं, बल्कि बढ़ती गर्मी और लू (Heatwave) के खतरे के बीच उन्हें सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
रेस्क्यू और पुनर्वास के आंकड़े
अभियान के केवल 48 घंटों के भीतर प्रशासन ने सराहनीय आंकड़े दर्ज किए हैं।
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- पहले दिन: 29 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
- दूसरे दिन: कुल 49 लोग सुरक्षित निकाले गए (16 पुरुष, 19 महिलाएं और 14 बच्चे)।
- कुल संख्या: अब तक कुल 78 लोगों को पुनर्वास प्रक्रिया से जोड़ा जा चुका है।
आश्रय और चिकित्सा सहायता
रेस्क्यू किए गए लोगों की स्थिति और आवश्यकता के अनुसार उन्हें अलग-अलग केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
- मनपा आस्था गृह: 6 पुरुषों को आश्रय दिया गया।
- शांति सदन महिला निवारा: 6 महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान किया गया।
- शासकीय बाल गृह (काटोल रोड): बाल कल्याण समिति के अंतर्गत 19 बच्चों को रखा गया है।
- मेडिकल अस्पताल: 14 लोग, जिन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें शासकीय मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- दिव्य वंदना फाउंडेशन: 4 अन्य लोगों की जिम्मेदारी इस संस्था को सौंपी गई है।
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नागरिकों से विशेष अपील
प्रशासन ने नागपुर शहर के नागरिकों से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। पुलिस विभाग के अनुसार, सड़कों पर सीधे पैसे देकर भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने के बजाय, लोगों को प्रशासन या बाल संरक्षण तंत्र को सूचित करना चाहिए। इससे जरूरतमंदों को केवल एक वक्त का भोजन नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और उचित काउंसलिंग मिल सकेगी। रेस्क्यू किए गए बच्चों के परिजनों की तलाश और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
