महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं पेपर लीक मामले में नया मोड़, बोर्ड का यू-टर्न, क्या सच में टेलीग्राम पर बिका गणित का पर

Board Paper Leak: महाराष्ट्र 10वीं बोर्ड के गणित पेपर लीक मामले में बोर्ड ने चौंकाने वाला दावा किया है। पहले एफआईआर और अब "पेपर लीक नहीं हुआ" के बयान ने छात्रों और अभिभावकों में भ्रम पैदा कर दिया है।
Maharashtra SSC 10th Maths Paper Leak Board Statement
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Board 10th Paper Leak: महाराष्ट्र में 10वीं कक्षा के गणित का पर्चा लीक होने के मामले पर एजूकेशन बोर्ड ने यू-टर्न लिया है। बुधवार को गणित पार्ट-1 और पार्ट-2 बोर्ड एग्जाम के पेपर्स के संदिग्ध लीक पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब बोर्ड ने कहा है कि मैथ्स पार्ट-2 का पेपर एग्जाम खत्म होने के बाद ही टेलीग्राम पर शेयर किया गया था और उन्हें मैथ्स पार्ट-1 के पेपर के लीक होने की कोई शिकायत नहीं मिली थी।

गौरतलब हो कि पहले पुणे डिविजनल बोर्ड के एक कर्मचारी ने 10 मार्च को शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी और कहा था कि टेलीग्राम पर ऑनलाइन शेयर किए गए पेपर्स असली एग्जाम के क्वेश्चन पेपर्स से मेल खाते थे।

टेलीग्राम चैनल के खिलाफ FIR

पुणे डिविजनल बोर्ड के एक कर्मचारी ने ‘महाराष्ट्रलीकर्स’ नाम के एक टेलीग्राम चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मैथ्स पार्ट-1 का पेपर 6 मार्च को हुआ था, जबकि पार्ट-2 का पेपर 9 मार्च को हुआ था। पुलिस को दी गई शिकायत में में कहा गया था कि पार्ट-1 का पेपर 5 मार्च को टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर किया गया था, जबकि पार्ट-2 का पेपर 6 मार्च को शेयर किया गया था। जांच में सामने आया था कि ग्रुप के साथ शेयर किया गया पेपर और महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट द्वारा तैयार किए गए पेपर एक जैसे थे। ग्रुप ने आने वाले साइंस-1 और साइंस-2 के पेपर भी ऑफर किए थे। पुलिस ने एफआईआर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार निवारण अधिनियम, 1982 की धारा छह और सात, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 72 और 66, और बीएनएस की धारा 3(5) और 223 के तहत दर्ज की थी।

पासवार्ड से प्रोटेक्टेड था पीडीएफ

11 मार्च के बयान में पुणे डिविजनल एजुकेशन बोर्ड के सेक्रेटरी दीपक माली ने कहा कि 06 मार्च को शाम 4.56 बजे (टेलीग्राम ग्रुप पर) एक मैसेज मिला कि 9 मार्च को होने वाला मैथ्स पार्ट-2 का पेपर उपलब्ध होगा। उस पेपर को पाने के लिए ‘मुझे डीएम करें’ मैसेज भेजा गया था। उसके बाद जब 9 मार्च को शाम 5.47 बजे उस लिंक को वेरिफाई किया गया, तो देखा गया कि ग्रुप में संदिग्ध ने मैथ्स पार्ट-2 पेपर लिंक के पीडीएफ के नीचे पासवर्ड बताया था। जब उस पीडीएफ को खोला गया, तो उसमें दिखाया गया कि मैथ्स पार्ट-2 का पेपर उपलब्ध था। मैथ्स पार्ट-2 का पेपर उस दिन के मैथ्स पेपर के बाद ग्रुप पर उपलब्ध कराया गया था।

ऐसा नहीं देखा गया कि मैथ्स पार्ट-2 और साइंस पार्ट-1 के पेपर शुरू होने से पहले टेलीग्राम ग्रुप पर उपलब्ध थे। बोर्ड का कहना अहै कि उसे अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है जिसमें यह कहा गया हो कि गणित भाग-1 गणित भाग-2 के प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से पहले टेलीग्राम पर साझा किए गए थे।

शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरीश दिघावकर ने कहा कि राज्य बोर्ड के अधिकारियों ने 5 मार्च को पेपर लीक होने की 9 मार्च दी थी। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है। हमने टेलीग्राम लिंक ब्लॉक कर दिए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए दो टीमों को भेज दिया गया है। यह पेरेंट्स से पैसे ऐंठने का स्कैम लगता है। अगली साइंस की परीक्षा के लिए, हमने शेयर किए जा रहे पेपर्स का फायदा उठाने की कोशिश की। पर्सनल मैसेज भेजने के बाद स्कैमर्स पेपर शेयर करने से पहले पैसे मांगते हैं, और एक बार जब पेरेंट्स पैसे ट्रांसफर कर देते हैं तो परीक्षा खत्म होने तक कोई पेपर शेयर नहीं किया जाता।

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