

Shirdi Sai Baba Temple Ladoo Prasad News: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव की तपिश अब महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शिर्डी साईं बाबा मंदिर तक पहुंच गई है। देश भर में गहराते एलपीजी गैस सिलेंडर के संकट के कारण शिर्डी साईं बाबा संस्थान को अपने प्रबंधन में बड़े और कड़े बदलाव करने पड़े हैं। इसका सबसे बड़ा असर मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद और प्रसादालय की भोजन व्यवस्था पर पड़ा है।
शिर्डी मंदिर आने वाले लाखों भक्तों के लिए साईं बाबा का लड्डू प्रसाद आस्था का प्रतीक है। संस्थान के अनुसार, सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन लगभग 45,000 लड्डू पैकेटों की बिक्री होती है, जबकि दर्शन कतार में खड़े भक्तों को करीब 50,000 बूंदी के पैकेट मुफ्त बांटे जाते हैं। लेकिन गैस की भारी किल्लत को देखते हुए, संस्थान ने निर्णय लिया है कि अब से प्रत्येक भक्त को प्रसाद के रूप में सिर्फ एक ही लड्डू पैकेट दिया जाएगा। यह फैसला गैस की बचत करने के लिए लिया गया है ताकि आने वाले दिनों में प्रसाद का उत्पादन पूरी तरह ठप न हो जाए।
साईं संस्थान ने जानकारी दी है कि वर्तमान में उनके पास लड्डू बनाने के लिए आवश्यक गैस का स्टॉक केवल 10 से 12 दिनों तक ही चल सकता है। ईंधन के उपयोग में कटौती करना अब संस्थान के लिए अनिवार्य हो गया है, हालांकि इस निर्णय से संस्थान को बड़ा आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा।
गैस संकट का असर केवल प्रसाद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिर्डी के विशाल प्रसादालय की व्यवस्था भी बदल दी गई है। अब भक्तों को भोजन में दो सब्जियों के बजाय केवल एक सब्जी दी जाएगी। साथ ही, ईंधन बचाने के लिए दाल-चावल के स्थान पर अब चावल की खिचड़ी परोसी जाएगी।
इसका मतलब है कि अब भक्तों को एक सब्जी, रोटी और खिचड़ी जैसा सादा भोजन ही मिलेगा। इस कठिन समय में संस्थान का सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) भोजन तैयार करने में एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है, जिसका उपयोग अब अधिकतम स्तर पर किया जा रहा है।
गैस की यह किल्लत नासिक के मनमाड स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट से आपूर्ति कम होने के कारण हुई है। युद्ध जैसी परिस्थितियों की वजह से जहां पहले रोजाना 100 गाड़ियां गैस सिलेंडर लेकर निकलती थीं, अब उनकी संख्या घटकर मात्र 30 से 35 रह गई है। प्लांट के दो फिलिंग पॉइंट्स में से फिलहाल एक ही चालू है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है।