किसानों की आत्महत्या सरकार का पाप, समर्थन मूल्य देकर करें प्रायश्चित: विजय वडेट्टीवार

Vijay Wadettiwar: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में किसानों की आत्महत्या को सरकार का पाप बताते हुए समर्थन मूल्य और कृषि सहायता बढ़ाने की मांग की।
किसानों की आत्महत्या सरकार का पाप
किसानों की आत्महत्या सरकार का पाप (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Farmers Suicide Maharashtra: नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में किसानों की आत्महत्या को सरकार का “पाप” करार देते हुए कहा कि केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देकर ही सरकार इसका प्रायश्चित कर सकती है। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रतिदिन औसतन आठ किसान आत्महत्या कर रहे हैं। अतिवृष्टि से राज्य के 28 जिले प्रभावित हुए, जिसके लिए सरकार ने 31 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की, लेकिन यह घोषणा केवल कागजों तक सीमित रही।

सूखाग्रस्त किसानों को प्रति हेक्टेयर 18,500 रुपये सहायता देने का वादा किया गया था, जबकि वास्तव में किसानों को केवल 8,500 रुपये ही मिले। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को 6,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने किसानों के लिए मात्र 616 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। चार महीने पहले ‘कृषि समृद्धि योजना’ की बड़ी घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इसके लिए एक भी रुपया आवंटित नहीं किया गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल ढाई महीने शेष हैं, जबकि कृषि क्षेत्र के लिए बजटीय प्रावधान का अब तक सिर्फ 34 प्रतिशत ही खर्च हुआ है।

समर्थन मूल्य की मांग

वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं और जमीनें बंजर हो गई हैं, जबकि बीज, खाद और कीटनाशकों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। सोयाबीन, कपास और धान किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महायुति सरकार अन्नदाता किसानों के साथ छल कर रही है। उन्होंने धान के लिए प्रति क्विंटल 1,000 रुपये और सोयाबीन के लिए प्रति क्विंटल 2,000 रुपये बोनस देने की मांग की। साथ ही विदर्भ में लंबित सिंचाई परियोजनाओं को तत्काल पूरा करने की भी मांग रखी।

कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता

राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। वरिष्ठ नागरिकों पर अत्याचार के मामलों में भी राज्य पहले स्थान पर है, जबकि बाल अपराध में पांचवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन औसतन आठ बलात्कार और 51 अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। मुंबई में पिछले 36 दिनों में 82 बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें अधिकांश लड़कियां हैं। जून से दिसंबर के बीच 370 नाबालिग बच्चे लापता हुए, जिनमें 268 लड़कियां शामिल हैं।

विदर्भ वैधानिक मंडल को तत्काल मान्यता देने की भी मांग

वडेट्टीवार ने बताया कि राज्य में पुलिस बल के 33,228 पद रिक्त हैं और प्रति एक लाख आबादी पर केवल 172 पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं। उन्होंने पुणे के मुंढवा क्षेत्र में महार वतन की जमीन को आईटी पार्क के लिए आरक्षित न होने के बावजूद एक निजी कंपनी को सस्ते दाम पर देने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन मात्र 300 करोड़ रुपये में बेची गई और 42 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क भी माफ कर दिया गया। उन्होंने उद्योगों को सब्सिडी देकर मिहान में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, विदर्भ के किलों के संरक्षण के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने और विदर्भ वैधानिक मंडल को तत्काल मान्यता देने की भी मांग की।

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