
नागपुर न्यूज
Hingna Nagpur News: हिंगना क्षेत्र में इन दिनों अतिक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। मुख्य मार्ग के दोनों ओर दुकानदारों द्वारा दुकानों के आगे शेड डालकर कब्जा करने से सड़कें संकरी हो गई हैं और यातायात पर गंभीर असर दिखाई दे रहा है। अतिक्रमणकारियों ने बस स्टॉप तक नहीं छोड़ा। यात्रियों को बस स्टॉप के बाहर सड़क पर खड़े होकर बस की प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
संकरी होती सड़कों और बढ़ते यातायात के बीच कई बार छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कुछ घटनाओं में 3–4 लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा है। हिंगना क्षेत्र के लगभग सभी मार्गों पर अतिक्रमण तेजी से फैल रहा है। बढ़ती जनसंख्या, व्यवसायों और 20-25 से अधिक स्कूल-कॉलेजों के चलते दुपहिया वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
अस्त-व्यस्त पार्किंग और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण वाहन चालकों को जहां-तहां जाम का सामना करना पड़ता है। कई जगह तो स्थिति इतनी खराब है कि मुख्य मार्ग गलियों जैसा लगने लगा है। सीआरपी गेट से इसासनी तक का मार्ग हिंगना का सबसे व्यस्त मार्ग है। इसी मार्ग से लतामंगेशकर अस्पताल की एंबुलेंसें नियमित रूप से गुजरती हैं, लेकिन अतिक्रमण ने एंबुलेंस के लिए भी रास्ता बाधित कर दिया है।
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फुटपाथ ही नहीं, सड़क तक कब्जे में है। फलस्वरूप आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। सीआरपी से इसासनी तक कौन सा रास्ता किस विभाग के अंतर्गत आता है, लोकनिर्माण विभाग, जिला परिषद या नगर परिषद यह आज तक स्पष्ट नहीं हुआ है। जवाबदेही तय न होने से कार्रवाई पूरी तरह ठप है और अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है।
पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह से गायब हो चुके हैं। मजबूर होकर लोगों को बीच सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है। सड़क के दोनों ओर दुकानदारों का कब्जा और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण कई जगह मार्ग इतना संकरा हो गया है कि एक समय में दो वाहन निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है।
हिंगना मेन रोड पर नाके से लेकर हिंगना तक किसी भी प्रमुख चौक पर सिग्नल नहीं हैं। इसके बावजूद यातायात पुलिस केवल मेट्रो स्टेशन या पेड़ के नीचे आराम करती नजर आती है। नागरिकों का आरोप है कि अधिकांश पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रित करने के बजाय चालान काटने और अपनी जेब भरने में ज्यादा सक्रिय दिखते हैं। हिंगना नाका और लोकमान्य तिलक मेट्रो स्टेशन को छोड़ दें तो पूरे मार्ग पर कहीं भी नियमित तौर पर पुलिस नजर नहीं आती।






