हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
Nagpur High Court Notice: नागपुर में नेफ्रोलॉजिस्ट और ‘एशियन किडनी हॉस्पिटल एंड मेडिकल सेंटर’ के संचालक डॉ. समीर चौबे के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस थाना में 5 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। समीर सावलाखे नामक व्यवसायी की शिकायत के बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई जिसके खिलाफ अब चौबे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
इस पर गुरुवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश प्रवीण पाटिल ने राज्य सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील मनोहर ने कहा कि दीवानी मामले को आपराधिक रंग दिया गया है। याचिकाकर्ता की अधि। मसूद शरीफ और अधि। आदिल मिर्जा ने भी पैरवी की।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 में डॉ. समीर चौबे और शिकायतकर्ता समीर सावलाखे के बीच अस्पताल परिसर में फार्मेसी चलाने के लिए एक समझौता हुआ था। आरोप है कि डॉ. चौबे ने अस्पताल में प्रति माह 60 से 90 लाख रुपये की दवाइयों की बिक्री का भरोसा दिलाया था।
इस फार्मेसी व्यवसाय के लिए सावलाखे और उनके सहयोगियों (सचिन मकडे, वरुण कुमार चौहान और दीपक सिंह) ने कुल 5,14,45,000 रुपये का निवेश किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अस्पताल में अपेक्षित बिक्री नहीं हुई जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
जब उन्होंने डॉ. चौबे से अपनी जमा राशि वापस मांगी तो उन्होंने कथित तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उन्हें धमकी दी। इसके बाद पुलिस ने डॉ. चौबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एफआईआर दर्ज की।
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डॉ. समीर चौबे की पैरवी कर रहे वकीलों ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। उन्होंने हाई कोर्ट में इस एफआईआर को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के वकीलों का तर्क है कि यह मामला विशुद्ध रूप से दीवानी (सिविल) प्रकृति का है और इसे आपराधिक रंग दिया जा रहा है।
वकीलों ने बताया कि उन्होंने पहले ही 2023 में शिकायतकर्ता के खिलाफ बेदखली और कब्जे के लिए दीवानी मुकदमा दायर कर रखा है। डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता के सहयोगी वरुण कुमार चौहान और सचिन मकडे कथित तौर पर ड्रग तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। डॉक्टर का दावा है कि यह एफआईआर केवल उन पर दबाव बनाने और उनकी दशकों की मेहनत से बनी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है।