मुंबई मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Dahisar to Bhayandar Metro Delay: मीरा-भाईंदर के लाखों यात्रियों का वर्षों पुराना सपना एक बार फिर अधर में लटक गया है। दहिसर से भाईंदर के बीच बनने वाली बहुप्रतीक्षित मेट्रो 9 परियोजना के पहले चरण की शुरुआत अब अनिश्चितकाल के लिए टल गई है।
फरवरी में इसके शुभारंभ की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन तकनीकी कारणों, अधूरे निर्माण कार्य और प्रशासनिक परिस्थितियों के चलते फिलहाल इसकी कोई नई तिथि घोषित नहीं की गई है। इससे रोजाना भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से जूझ रहे यात्रियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने दो चरणों में शुरू करने का निर्णय लिया था। पहला चरण, दहिसर से काशीगांव-दिसंबर 2025 और दूसरा चरण काशीगांव से भाईंदर-दिसंबर 2026। बाद में पहले चरण की शुरुआत दिसंबर 2025 से बढ़ाकर फरवरी 2026 तय की गई थी। 14 मई 2025 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले चरण का ट्रायल रन भी किया था, जिससे उम्मीद जगी थी कि परियोजना तय समय में पूरी हो जाएगी।
सूत्रों के अनुसार देरी के कई कारण सामने आए हैं। 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए, जिससे परियोजना की औपचारिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।
पहले चरण के अंतर्गत पश्चिमी राजमार्ग पर बने फ्लाईओवर को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन के नीचे एक अन्य फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी भी जारी है। मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) से आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त होना शेष है।
तकनीकी परीक्षण और संरचनात्मक समन्वय में भी कुछ दिक्कतें बताई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि जब तक नीचे बन रहा फ्लाईओवर पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक मेट्रो सेवा शुरू करना जोखिमपूर्ण माना जा रहा है। इसी कारण पहले चरण का उद्घाटन टाल दिया गया है।
दहिसर-भाईंदर मेट्रो शुरू होने पर मीरा-भाईंदर के हजारों यात्रियों को यात्रा का बड़ा विकल्प मिलता। अंधेरी तक सीधी, तेज और सुगम कनेक्टिविटी, पश्चिमी रेलवे की लोकल ट्रेनों पर दबाव में कमी, दहिसर चेक प्वाइंट क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत, इंटरचेंज सुविधा के तहत मेट्रो-1 के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट और आगे दक्षिण मुंबई तक सीधी पहुंच मंत्रालय, विधान भवन और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक आसान सफर की सुविधा उपलब्ध होती।
इससे स्पष्ट है कि यह परियोजना केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि मीरा-भाईंदर क्षेत्र के विकास की रीढ़ मानी जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर नई तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पलाईओवर निर्माण और तकनीकी मंजूरी पूरी होने के बाद ही उद्घाटन संभव होगा।
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