Eco-Tourism: कोराडी में विकसित होगा इको टूरिज्म, CM की मौजूदगी में NMRDA-महाजेनको में हुआ करार

Eco-Tourism in Koradi: नागपुर के कोराडी में इको टूरिज्म विकसित करने के लिए एनएमआरडीए और महोजेनको के बीच मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में सामंजस्य करार हुआ।
Eco Tourism in Koradi: नागपुर के कोराडी में इको टूरिज्म विकसित करने के लिए एनएमआरडीए और महोजेनको के बीच मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में सामंजस्य करार हुआ।
नागपुर में इको टूरिजम (सौजन्य-नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

CM Devendra Fadnavis: नागपुर के कोराडी में इको टूरिज्म विकसित करने के लिए एनएमआरडीए और महोजेनको के बीच मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में सामंजस्य करार हुआ। करार के अनुसार महाजेनको अपनी 232.64 हेक्टेयर जमीन एनएमआरडीए को 1 रुपये की लीज पर 30 वर्षों के लिए हस्तांतरित करेगी। कोराडी, महादुला, खापरखेड़ा, नांदा व घोगली तक फैली जमीन पर एनएमआरडीए विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करेगी।

करार के दौरान डीसीएम एकनाथ शिंदे, अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, मुख्य सचिव राजेश कुमार, अपर मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, उर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव अश्विनी भिडे, महाजेनको अध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक राधाकृष्णन बी., एनएमआरडीए आयुक्त संजय मीणा उपस्थित थे।

नैसर्गिक संसाधनों से भरपूर

उक्त जमीन नैसर्गिक संसाधनों से भरपूर है जो विश्व स्तरीय पर्यावरणपूरक पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए उपयुक्त है। मुख्य रूप से वाटर स्पोर्ट्स बेस क्रियाकलापों की सुविधा विकसित की जाएगी। इसमें पैडल बोट्स, कायाक्स, कैनू, शिकारा और फ्लोटिंग डेक राइड्स, फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म से पक्षियों का निरीक्षण, नैसर्गिक पर्यटन साकार किए जाएंगे।

सीएम ने कहा कि नागपुर के समीप यह पर्यटन स्थल साकार किये जाने से पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी। स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे जो परिसर के सामाजिक व आर्थिक विकास को सशक्त करेगा। प्रकल्प को साकार करने के लिए पर्यावरण संरक्षण के सारे नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

संचालक मंडल की मान्यता

करार के अनुसार विद्यमान थर्मल पावर स्टेशन व सांडपानी प्रक्रिया केन्द्र पर उसकी पूर्ण मालिकी व नियंत्रण कायम रहेगा। वहीं तालाब का उपयोग सिर्फ पर्यावरण पर्यटन प्रकल्प के लिए करने का अधिकारी एनएमआरडीए को दिया गया है। उक्त प्रस्ताव को महाजेनको के संचालक मंडल ने मान्यता दी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com