‘मुख्यमंत्री बलीराजा शेत पाणंद रस्ते योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी, किसानों को होंगे ये बड़े लाभ

Maharashtra Agriculture Reforms: ‘बलीराजा शेत पाणंद रस्ते योजना’ को कैबिनेट मंजूरी। अब खेतों तक बारहमासी मजबूत रास्ते बनाने के लिए 100% मशीनरी का उपयोग, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत।
Maharashtra Agriculture Reforms: ‘बलीराजा शेत पाणंद रस्ते योजना’ को कैबिनेट मंजूरी। अब खेतों तक बारहमासी मजबूत रास्ते बनाने के लिए 100% मशीनरी का उपयोग, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत।
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Baliraja Shet Panand Yojana: राज्य के किसानों की कई वर्षों से चली आ रही समस्या को दूर करते हुए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बलीराजा शेत पाणंद रस्ते योजना’ शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रविवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत अब खेत रास्ते (पगडंडी) तैयार करने के लिए 100 प्रतिशत यंत्र सामग्री (मशीनरी) का उपयोग किया जा सकेगा।

किसानों को होंगे ये बड़े लाभ

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले इस योजना को लागू करने वाली समिति के अध्यक्ष हैं जिन्होंने लगातार बैठकें कर यह विषय मंत्रियों और विधायकों की समिति के माध्यम से आगे बढ़ाया।

बारहमासी मजबूत रास्ते : इस नई योजना से किसानों को बुआई, कटाई और फसल को बाजार तक ले जाने के लिए बारहमासी मजबूत रास्ते उपलब्ध होंगे।

यांत्रिकीकरण का लाभ : खेती में बढ़ते मशीनीकरण को देखते हुए अब नई योजना में मशीनों की मदद से रास्ते तैयार किए जाएंगे।

पुराना अवरोध समाप्त : पहले मनरेगा के तहत रास्ते तैयार करते समय कई सख्त शर्तें थीं और मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण काम अक्सर अटक जाता था लेकिन अब यह समस्या दूर हो जाएगी।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि इस योजना के लिए स्वतंत्र निधि उपलब्ध कराई जाएगी और 25 किमी लंबाई के क्लस्टर बनाकर निविदा प्रक्रिया द्वारा ये कार्य तेजी से पूरे किए जाएंगे।

इस योजना की कुछ अन्य प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं-

  • अतिक्रमण तत्काल हटेगा : गांव के नक्शे पर चिह्नित रास्तों पर हुए अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाएगा।
  • शुल्कों से मुक्ति : रास्ते के लिए लगने वाली नापजोख और पुलिस बंदोबस्त का शुल्क सरकार ने पूरी तरह माफ कर दिया है।
  • कोई रॉयल्टी नहीं : रास्ते को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गाद, मिट्टी, मुरुम या पत्थर के लिए कोई भी स्वामित्व शुल्क (रॉयल्टी) नहीं लगेगा।
  • पौधारोपण अनिवार्य : रास्ते के दोनों किनारों पर ‘बिहार पैटर्न’ या मनरेगा के माध्यम से पौधारोपण करना अनिवार्य होगा।
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