बारिश थमते ही पतंगबाजों का दिखा जुनून; सिटी के आसमान पर शाम तक रहा पतंगों का कब्जा

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नागपुर. सिटी में मकर संक्रांति पर जमकर पतंगबाजी की जाती है. इस बार भी बच्चों सहित युवाओं ने पतंगबाजी की तैयारी की थी. लेकिन सुबह के समय बारिश आने के कारण पतंगबाजी का मजा  किरकिरा हो गया. बारिश थमने के बाद दोपहर को छतों पर युवा, बच्चे पतंग लेकर डट गये. ओ काट, ओ काट की आवाज आती रही. म्यूजिक सिस्टम के बीच मौज-मस्ती करते हुए पतंगबाजी का मजा लूट ही लिया. कोहरे जैसे हालात होने के कारण आसमान पर पतंगों का ज्यादा देर तक डेरा नहीं रहा.

मकर संक्रांति पर पतंगबाजी जमकर होती है. इसके लिए कुछ दिन पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है लेकिन इस बार मौसम की मार भारी पड़ गई. हालांकि पतंगों की दूकानें लगी थी लेकिन पहले जैसे व्यवसाय नहीं हुआ. पूरी तैयारी कर बैठे लोग जब सुबह उठे तो आसमान पर बादल छाये हुये थे. कुछ देर बाद बारिश होने लगी. दोपहर करीब 12 बजे तक बारिश होती रही. सभी बारिश के थमने की राह देखते रहे. जैसे ही बारिश कम हुई, युवा, बच्चे, महिलाएं अपने-अपने घरों की छतों पर चले गये. हालांकि हवा नहीं होने से पतंग उड़ाने में परेशानी हुई लेकिन कुछ देर बाद पतंगें आसमान में उड़ान भरने लगी. इसके साथ ही ओ काट, ओ काट की आवाजें भी आने लगी.

मौसम का भी लुफ्त उठाया  

मौसम का लुफ्ट उठाते हुए छतों पर म्यूजिक सिस्टम के बाद चना-चिवड़ा की पार्टी भी हुई. वहीं बरेली के मांजे से पतंग की जमकर काटी. कुछ जगह नायलॉन मांजा भी दिखाई दिया. हालांकि इस बार प्लास्टिक की पतंग कम ही दिखाई दी. कागज की पतंग होने से बार-बार कोहरे की वजह से भिगकर गिर रही थी. चोरी-छिपे नायलॉन मांजा पहले से ही जमा करने वालों ने प्लास्टिक की पतंगें भी उड़ाईं. सड़क पर नायलॉन मांजा भी पड़ा दिखाई दिया. वहीं पेड़ों, बिजली के तारों पर पतंगें लटकीं भी नजर आई लेकिन इस बार पतंग लूटने का मजा नहीं आया. पुलिस की सख्ती भी नजर आई. कई लोगों ने बरेली के मांजे से पतंग उड़ाई और अपना शौक पूरा किया. कुछ बच्चे कटी पतंग को पकड़ने के लिए सड़कों पर दौड़ते भी दिखाई दिये लेकिन पिछले वर्ष जैसी रौनक इस बार नहीं दिखी. 

पुलिस नजर आई सतर्क 

पुलिस विभाग ने पतंगबाजी की वजह से ही सिटी के सभी उड़ान पुलों पर आवागमन को बंद कर दिया था. वहीं दूसरी ओर पतंग की दूकानों पर भी पुलिस की नजर थी. नायलॉन मांजा बेचने वालों पर भी कार्रवाई की गई. वहीं कुछ जगह प्लास्टिक की पतंग बेचने वालों पर कार्रवाई की गई. शाम तक आसमान पर पतंगें उड़तीं दिखाई दी लेकिन इनकी संख्या अधिक नहीं थी. त्योहार का आनंद उठाने के लिए परिजन बच्चों के साथ छतों पर दिखाई दिये लेकिन सावधानी भी बरती गई. 

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