अब जिला परिषद और पंचायत समिति में भी होगी सीधी एंट्री, फडणवीस सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Maharashtra Zilla Parishad News: महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण विकास को गति देने के लिए जिला परिषद और पंचायत समितियों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
अब जिला परिषद और पंचायत समिति में भी होगी सीधी एंट्री, फडणवीस सरकार ने लिया बड़ा फैसला
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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Maharashtra Zilla Parishad Nominated Members: महाराष्ट्र सरकार ने महानगरपालिका की तर्ज पर जिला परिषद व पंचायत समितियों में भी अब मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। जिला परिषद में सदस्य संख्या का 10 प्रतिशत व पंचायत समिति में 20 प्रतिशत मनोनीत सदस्य होंगे। निकाय संस्थाओं में ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय समाजसेवकों व सक्षम व्यक्तियों को विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनाना इसके पीछे का उद्देश्य बताया जा रहा है।

उधर, राजनीतिक महकमे में चर्चा शुरू हो गई है कि मनोनीत सदस्यों के नाम पर लोगों के राजनीतिक पुनर्वसन का यह जरिया बन जाएगा। वर्ष 1993 में पंचायती राज कानून लागू होने के पूर्व तक मनोनीत सदस्यों के नियुक्ति की व्यवस्था थी, फिर बंद हो गई। अब राज्य सरकार इसे फिर से शुरू करने जा रही है। इस निर्णय के बाद नागपुर जिला परिषद में 6 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति होगी। वहीं पंचायत समितियों में सदस्य संख्या के 20 प्रतिशत सदस्य मनोनीत किये जाएंगे। जल्द ही विधानसभा में इसका कानून पारित किया जाएगा।

राजस्व मंत्री का था प्रस्ताव

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर यह सुझाव दिया था। उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि जिस प्रकार विधान परिषद और महापालिका में नियुक्तियां की जाती हैं, उसी तर्ज पर ग्रामीण विकास की प्रमुख संस्थाएं मानी जाने वाली जिला परिषद और पंचायत समितियों में सदस्य संख्या बढ़ाकर योग्य नेतृत्व को विकास प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास विभाग को इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए।

वहीं विपक्ष का आरोप है कि नामनिर्देशित या मनोनीत सदस्य बनाते समय सामाजिक कार्य, खेल, शिक्षा, साहित्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के व्यक्तियों को प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य है, किंतु पिछले कुछ दशकों में विधान परिषद और महापालिका स्तर पर इन प्रावधानों का पालन नहीं हुआ। राजनीतिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों का विभिन्न संस्थाओं से संबंध दिखाकर नियुक्तियां की जाती रही हैं।

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