कैसे होगा नागपुर का विकास? 2023 से लटकी है बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की राशि

Nagpur News: मनपा ने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुईं नदी और नाला सुरक्षा दीवारों के निर्माण और सड़कों के काम के लिए राज्य सरकार को 204.71 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन यह राशि अब तक नहीं मिली है।
amount for repairing flood affected areas of Nagpur is pending since 2023
नागपुर महानगर पालिका भवन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur News Today Hindi: सितंबर 2023 में भारी बारिश के कारण नागपुर शहर की नदियों और नालों की सुरक्षा दीवारें ढह गई थीं। इसके बाद नदियों और नालों की सुरक्षा दीवारों के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार को धनराशि देने का प्रस्ताव भेजा गया था। राज्य सरकार ने 204.71 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसमें से 72 करोड़ रुपये अभी भी लंबित हैं। अब मनपा को जीएसटी और करों से प्राप्त होने वाली अपनी मूल आय से धनराशि का उपयोग करना होगा। लंबित धनराशि बाद में प्राप्त होगी।

दो साल पहले सितंबर 2023 में आई भीषण बाढ़ में अंबाझरी ओवरफ्लो और नाग नदी के संकरे पुल के कारण डागा लेआउट, अंबाझरी लेआउट, पुरोहित लेआउट, कस्तूरबा लेआउट, यशवंतनगर, दांडिगे लेआउट और शंकरनगर की बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया था जिससे यहां के नागरिकों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। इसके अलावा इस क्षेत्रों में सड़कों और नदी सुरक्षा दीवारों को भी बड़ा नुकसान हुआ था।

मनपा ने भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुईं 56 नदी और नाला सुरक्षा दीवारों के निर्माण और 41 क्षतिग्रस्त सड़कों के काम के लिए राज्य सरकार को 204.71 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा था। टेंडर होने के कारण यह लागत 158 करोड़ रुपए आई।

राज्य सरकार ने 14.50 करोड़ रुपए और 72 करोड़ रुपए, कुल 86.50 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। इसलिए इन कार्यों को करने वाले ठेकेदारों के बिल भी लोक निर्माण विभाग के पास बकाया होने की स्थिति में हैं।

चुनावी वर्ष में पूरी राशि मिली

विधानसभा चुनाव वर्ष में राज्य सरकार ने नागपुर महानगर पालिका को 1400 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि वितरित की थी। महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून, 2024 को मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के शुभारंभ को मंजूरी दी थी। उसके बाद मनपा को मिलने वाली धनराशि में भी कमी आई है।

विधानसभा चुनाव से पहले यानी वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार ने मनपा को सीमेंट रोड फेज चार, एकीकृत यातायात प्रबंधन, ई-बस, टाउन हॉल आदि के लिए 1400 करोड़ रुपये दिए थे। हालांकि 72 करोड़ रुपये का लंबित होना दर्शाता है कि राज्य सरकार बाद की अवधि में भी पीछे हटती रही है। इसलिए हाल ही में दो जीआर जारी करने और मनपा को 315 करोड़ रुपये देने वाली राज्य सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवालिया निशान लग गया है।

पिछले कुछ वर्षों में मंजूर हुई राशि

  • 2023-24 में प्रमुख परियोजनाओं के लिए प्राप्त धन
  • 250 ई-बसों के लिए अप्रैल 2023 में 137 करोड़
  • एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) के लिए 2024 में 197 करोड़
  • सीमेंट सड़क चरण चार के लिए 2024 में 296.46 करोड़
  • टाउन हॉल के लिए 2024 में 127 करोड़
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत के लिए 2024 में 86.50 करोड़

2022 में 411 करोड़ रुपये मंजूर राशि अब भी लंबित

2022 में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री और अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागपुर शहर के लिए 411.86 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। मनपा को यह निधि अभी तक नहीं मिली है। पिछले महीने राज्य सरकार ने अंबाझरी क्षेत्र में नाग नदी के चौड़ीकरण के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय को 19.84 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। अंबाझरी के पास नाग नदी का तल महामेट्रो के अंतर्गत आता है।

इस क्षेत्र के लिए महामेट्रो विकास प्राधिकरण है। महामेट्रो ने 8 मई 2025 को जिला कलेक्टर को एक पत्र लिखा था जिसमें उनसे नाग नदी के तल को 14 मीटर से 18 मीटर तक चौड़ा करने के लिए तुरंत यह निधि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। महामेट्रो अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार ने इस निधि को जिला कलेक्टर कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया है। यह इस वर्ष शहर के लिए एक सकारात्मक बात है।

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