
अमित शाह-देवेंद्र फडणवीस एक साथ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: केंद्रीय गृह एवं सहकार मंत्री अमित शाह डेढ़ दिन के नागपुर दौरे पर पहुँचे। सोमवार को उनकी उपस्थिति में नागपुर में दो महत्वपूर्ण भूमिपूजन समारोह आयोजित किए गए। पहला, नेशनल कैंसर हॉस्पिटल परिसर में ‘स्वस्ति निवास’ नामक आवासीय इमारत का भूमिपूजन किया गया। दूसरा, चिचोली में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के नए परिसर का भूमिपूजन भी शाह के हाथों सम्पन्न हुआ।
इन दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले उपस्थित रहे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद शाह नागपुर में क्या बोलेंगे, इस पर सभी की निगाहें थीं। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तीन महीने में महापालिका और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में शाह का भाषण राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा था।
हालांकि, दो कार्यक्रमों में से केवल एक में ही उन्होंने भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने नितिन गडकरी का कोई उल्लेख नहीं किया, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस की खुलकर सराहना की। विशेष बात यह रही कि दोनों कार्यक्रमों में अमित शाह और फडणवीस एक ही वाहन से पहुँचे, जबकि गडकरी अलग वाहन से आए। इससे यह चर्चा तेज हो गई कि शाह किसके ज़्यादा निकट हैं।
रविवार रात 9 बजे, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाह का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस, पालकमंत्री बावनकुले, मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह चहल, विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्रकुमार सिंगल, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, विधायक आशिष देशमुख, विधायक चरणसिंह ठाकुर और पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद भाजपा शहर इकाई की ओर से शाह का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा के सभी प्रमुख नेता उपस्थित थे, लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अनुपस्थिति सबका ध्यान खींचने लगी। विशेष बात यह रही कि अमित शाह का ठहराव रेडिसन ब्लू होटल में था, जो नितिन गडकरी के आवास के बेहद निकट है। इसके बावजूद दोनों नेताओं के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई, जो राजनीतिक दूरियों की ओर संकेत करता है और कई सवाल खड़े कर गया है।






