नागपुर में 14.90 लाख का MD जब्त, अजनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई; छत में छिपा रखा था ड्रग्स
Nagpur Mephedrone Seizure: नागपुर की अजनी पुलिस ने छापेमारी में 14.90 लाख रुपये का मेफेड्रॉन ड्रग्स जब्त किया। आरोपी आदित्य तेलगोटे गिरफ्तार हुआ, जबकि दक्षिण नागपुर कनेक्शन की जांच जारी है।
- Written By: अंकिता पटेल
एमडी ड्रग्स जब्त,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur MD Drugs: नागपुर अजनी पुलिस ने गोपनीय जानकारी के आधार पर एक ड्रग पेडलर के घर पर छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस ने 14.90 लाख रुपये का मेफेड्रॉन ड्रग्स (एमडी) जब्त किया। अब पुलिस इस मामले में दक्षिण नागपुर के अपराधियों का कनेक्शन ढूंढ रही है। पकड़ा गया आरोपी सावित्रीबाई फुलेनगर निवासी आदित्य उर्फ बाला भीमराव तेलगोटे बताया गया। इसके पहले भी पुलिस आदित्य को ड्रग्स बिक्री के मामले में पकड़ चुकी है। खबर के आधार पर पुलिस ने पंच के समक्ष उसके घर की तलाशी ली। घर की छत पर प्लायवुड के नीचे उसने 290.59 ग्राम पावडर छुपा रखा था।
पुलिस ने उससे ड्रग्स और 2 मोबाइल जब्त किए। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके पहले भी आदित्य को एनडीपीएस के मामले में पकड़ा जा चुका है। वह दक्षिण नागपुर के चर्चित अपराधी सुमित चिंतलवार का साथी है। वह चिंतलवार के साथ मोका में भी आरोपी रह चुका है।
वहीं चिंतलवार को वर्ष 2024 में क्राइम की एनडीपीएस सेल ने भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ पकड़ा था, इसीलिए पुलिस को संदेह है कि आदित्य अपने साधी चिंतलवार की मदद से यह धंधा कर रहा है। पुलिस सामान्य और इंटरनेट कॉलिंग रिकॉर्ड की जांच में जुट गई है। डीसीपी रश्मिता राव और एसीपी नरेंद्र हिवरे के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर नितिनचंद्र राजकुमार, प्रभाकर कवाले, पीएसआई सिध्दांत मस्के, कांस्टेबल मनीष भलमे, दादाजी, नरेश और संगीता ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर: अतिरिक्त शिक्षकों का जिप स्कूलों में होगा समायोजन; निजी कोचिंग पर नियंत्रण की भी उठी मांग
सोने की तस्करी घटी, मुंबई एयरपोर्ट पर भांग और ड्रग्स की तस्करी में बड़ा उछाल
भायखला गोलीकांड का मुख्य आरोपी सैफ मस्तान पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
नासिक में प्याज किसानों का महाआक्रोश! मुंबई-आगरा हाईवे जाम, रोहित पवार सहित कई बड़े नेता पुलिस हिरासत में
कैसे फेल हो गया ट्रैप, मुखबिर सक्रिय होने की चर्चा
सुमित चितलवार द्वारा बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी और बिक्री किए जाने का खुलासा पहले हुई कार्रवाई से हो चुका है, तकनीकी खामियों के कारण चिंतलवार और उसके साथियों को इस केस में जमानत मिल गई। इसके बाद भी वितलवार इम्स बिक्री में सक्रिय होने की जानकारी पुलिस को मिली।
यह भी पढ़ें:-जनगणना ड्यूटी में आनाकानी की तो खैर नहीं; नागपुर मनपा आयुक्त का आदेश- सीधे दर्ज करें FIR
विगत ३० मई को उसके पास एमडी की बड़ी खेप आने की जानकारी मिली थी जिसकी डिलीवरी मानेवाड़ा में होने वाली बी। सूत्रों की माने तो पुलिस की अलग-अलग टीमों ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया लेकिन चिंतलवार को भनक लग गई और लोकेशन बदल दिया गया, इसके बाद आउटर नागपुर रिंग रोड पर भी पुलिस ने ट्रैप लगाया लेकिन वह हाथ नहीं लगा, चिंतलवार को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिल गई? यह बड़ा सवाल है। सिस्टम में ही उसके मुखबिर सक्रिय होने की चर्चा है।
