एक्टर शेखर सुमन के शो के प्रोड्यूसर धर्मेश संघानी पर ED की रेड, विदेशों में छिपी संपत्तियों का खुलासा
ED Raid Dharmesh Sanghani: फेमा उल्लंघन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई। एक्टर शेखर सुमन के सहयोगी धर्मेश संघानी की कंपनी कलानी इम्पेक्स के ठिकानों पर छापा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
शेखर सुमन और धर्मेश संघानी (सोर्स: सोशल मीडिया)
ED Radar On Shekhar-Suman Associate Dharmesh Sanghani: ईडी ने शुक्रवार को एक्टर शेखर सुमन के सहयोगी और शेखर सुमन के शो शेखर टूनाइट के प्रोड्यूसर धर्मेश संघानी द्वारा चलाई जा रही कंपनी कलानी इम्पेक्स के ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्ति और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन को लेकर की गई।
संघानी की फिल्म प्रोडक्शन में हिस्सेदारी मानी जाती है और वह शेखर सुमन के करीबी सहयोगी हैं। वह कनाडा, अमेरिका और यूएई में विदेशी बैंक अकाउंट चलाने के आरोपों के कारण ईडी की जांच के दायरे में आए हैं। एक अधिकारी ने कहा कि एक्टर की ‘शेखर सुमन फिल्म एकेडमी’ से उनके संबंधों की भी जांच की जा रही है। ऐसी खबरें हैं कि वे इस संस्थान के को-फाउंडर हो सकते हैं।
कलानी इम्पेक्स पर फेमा के तहत कार्रवाई
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईडी ने गुरुवार को ‘कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ और इसके एक्टिव डायरेक्टर संघानी से जुड़ी जांच के सिलसिले में फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी की कार्रवाई की। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान यह पता चला कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह काफी समय बीत जाने के बाद भी भारत नहीं आया।
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संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन
जांच एजेंसी ने कहा, कुछ विदेशी खरीदारों से एक्सपोर्ट से मिलने वाली रकम नहीं मिली थी और न ही अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति ली गई थी। रकम की वसूली के लिए कोई दस्तावेजी कोशिश भी नहीं की गई थी। ईडी की जांच में पता चला कि एक्सपोर्ट इनवॉइस या शिपिंग बिल में बताए गए कंसाइनी या खरीदार के अलावा किसी तीसरी पार्टी से एक्सपोर्ट से जुड़ी रकम मिली थी।
कनाडाई कंपनी में अघोषित हिस्सेदारी
ईडी ने कहा, कार्रवाई के दौरान बिना जानकारी वाली विदेशी संपत्ति और विदेशी बैंक अकाउंट से जुड़े सबूत भी मिले। उदाहरण के लिए, धर्मेश संघानी की एक ऐसी कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी पाई गई, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
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यूएस-यूके तक फैले तार, फेमा उल्लंघन मामले में जांच तेज
जांच एजेंसी ने आगे कहा, संबंधित विदेशी बैंक अकाउंट और उससे जुड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी भी सही अधिकारियों को नहीं दी गई थी। एक और मामले में, यूएई की एक ऐसी बिजनेस एंटिटी की पहचान की गई है, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा, अभी तक कनाडा, यूएस और यूएई में बिना जानकारी वाले विदेशी बैंक अकाउंट की पहचान की गई है। अमेरिका और यूके के कस्टम अधिकारी संघानी के कुछ ट्रांजेक्शन की जांच कर रहे हैं। ईडी भी ऐसे ट्रांजेक्शन में फेमा के उल्लंघन की जांच कर रही है।
