‘विशेष’ युवाओं के लिए आशा की किरण बनेगा ‘जोश’ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mumbai News: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की संकल्पना से संचालित ज्वेलरी ऑक्युपेशनल स्किलिंग हब (जेओएसएच) ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह केंद्र देश का पहला उद्योग-प्रायोजित अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र है, जो विशेष क्षमता वाले (SAP) युवाओं के लिए आशा की किरण बन रहा है।
‘जोश’ ने अब तक 750 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया है, जिनमें 127 SAP युवा शामिल हैं। इस केंद्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि SAP उम्मीदवारों सहित सभी प्रशिक्षुओं को 100% प्लेसमेंट मिला है। अधिकांश उम्मीदवारों को सांताक्रुज इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन (SEEPZ), मुंबई की अग्रणी ज्वेलरी एक्सपोर्ट कंपनी ज्वेलएक्स में नियुक्त किया गया है, जो समावेशिता और सफलता को दर्शाता है।
SEEPZ स्थित ‘भारत रत्नम’ मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर से संचालित यह हब, सांसद गोयल के निरंतर समर्थन के साथ उद्योग-नियंत्रित कौशल विकास में परिवर्तन ला रहा है। मई 2022 में जेम एंड ज्वेलरी स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा स्थापित ‘जोश’, अपने आप में पहला ऐसा मॉडल है।
सामान्य और SAP, दोनों वर्गों के अधिकांश प्रशिक्षु मुंबई नॉर्थ और मुंबई नॉर्थ-वेस्ट लोकसभा क्षेत्रों से आते हैं। SAP उम्मीदवारों का कम एट्रिशन रेट और उच्च उत्पादकता ‘जोश’ के प्रशिक्षण मॉडल की प्रभावशीलता और उद्योग जगत की समावेशी भर्ती के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वर्तमान बैच में 127 प्रशिक्षु हैं, जिनमें 13 विशेष क्षमताधारक युवा शामिल हैं। वे जनवरी 2026 तक अपना तीन माह का प्रशिक्षण पूरा करेंगे।
यहां विशेष तौर पर श्रवण-वाणी बाधित युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। अत्याधुनिक मशीनरी, विशेष प्रशिक्षक, वातानुकूलित कक्षाएं और कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग मॉड्यूल उपलब्ध हैं।
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इसके साथ ही ₹2000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति और व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण उन्हें उद्योग में सुगमता से शामिल होने में सक्षम बनाता है। मंत्री गोयल का विश्वास केंद्र के बारे में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा “जोश एक आत्मविश्वासी भारत का प्रतीक है, जहां हर युवा, विशेष क्षमताधारक बच्चों सहित, को सीखने और सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिलता है।”
उन्होंने आगे कहा “आधुनिक स्किलिंग सुविधाएं और छात्रों की उपलब्धियाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्व-स्तरीय कौशल विकास के विज़न को साकार कर रही हैं। सही कौशल मिलने पर भारतीय युवा ‘विकसित भारत @2047’ के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।”