बोइंग ने भरी उड़ान (कंसेप्ट फोटो-सोशल मीडिया)
Nagpur Aviation News: नागपुर के मिहान स्थित AIESL (एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड) के एमआरओ हब ने एक बार फिर अपनी तकनीकी महारत का लोहा मनवाया है। 6 साल से जमीन पर खड़ा एयर इंडिया का बोइंग 777-300ER विमान (VT-ALL) आखिरकार फिर से आसमान छूने के लिए तैयार है। 6 मार्च को नागपुर के आसमान में इसकी सफल ‘टेस्ट फ्लाइट’ ने विमानन क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है।
नागपुर में एयर इंडिया के बेड़े में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए बोइंग 777-300ईआर (रजिस्ट्रेशन वीटी-एएलएल) ने 6 मार्च को नागपुर से अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी की। यह विमान पिछले 6 वर्षों से तकनीकी कारणों से जमीन पर खड़ा था।
18.2 साल पुराना यह विमान फरवरी 2020 में नागपुर के एआईईएसएल (एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड) एमआरओ (एमआरओ) सुविधा में केवल 30 दिनों की नियमित जांच के लिए लाया गया था। अन्य परिचालन बोइंग 777 विमानों को चालू रखने के लिए इस विमान के पुर्जों का उपयोग किया गया, जिसके कारण यह लंबे समय तक सेवा से बाहर रहा।
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पांच साल की देरी और कड़ी मेहनत के बाद, एयर इंडिया और एआईईएसएल की टीमों ने इसके ईंधन टैंक की मरम्मत और संरचनात्मक सुधारों सहित व्यापक काम किया। टेस्ट फ्लाइट से पहले 9 फरवरी को इस विमान का ‘ग्राउंड रन’ सफलतापूर्वक पूरा किया गया था।
नागपुर से उड़ान भरने के बाद अब यह विमान जल्द ही एयर इंडिया की कमर्शियल उड़ानों में फिर से शामिल होने के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विमान की वापसी से एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय क्षमता में इजाफा होगा।