Versova Ward Corporators:वर्सोवा विधानसभा (सोर्सः सोशल मीडिया)
Versova Development Plan: वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र के छह वार्डों से नवनिर्वाचित नगरसेवकों ने दावा किया है कि आने वाले पाँच वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। नगरसेवकों के अनुसार, वर्सोवा क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, सीवरेज की समस्या, प्लास्टिक प्रदूषण, समुद्री तट की गंदगी, अवैध निर्माण, मैंग्रोव कटाई, पर्यावरणीय दबाव, ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और कुछ इलाकों में बढ़ती भीड़ प्रमुख समस्याएँ हैं, जिन पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।
कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माने जाने वाले वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक दशक में कई राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। वर्ष 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार डॉ. भारती लावेकर की जीत के बाद कांग्रेस के परंपरागत मतदाताओं का रुझान शिवसेना की ओर बढ़ा।
शिवसेना में विभाजन के बाद बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के उद्धव गुट छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने के बावजूद शिवसेना (उद्धव गुट) तीन वार्डों पर कब्जा जमाने में सफल रही। वहीं, भाजपा ने दो वार्डों में जीत दर्ज की। वर्सोवा में शिवसेना (उद्धव गुट) ने वार्ड क्रमांक 59, 62 और 64 में जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने वार्ड क्रमांक 60 और 63 पर कब्जा बरकरार रखा। कांग्रेस ने वार्ड क्रमांक 61 जीतकर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है।
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सायली रघुनाथ कुलकर्णी (वार्ड 60)
“शास्त्री नगर के अधूरे ब्रिज का काम शुरू करना हमारी प्राथमिकता होगी। डीपी प्लान के तहत शुरू की गई सड़कों का काम पूरा किया जाएगा और नई सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा। क्षेत्र में हॉकर्स की समस्या को योजनाबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। कुछ इलाकों में स्लम विकास की भी आवश्यकता है।”
दिव्या अवनीश सिंह (वार्ड 61)
“सीवरेज नालियों को व्यवस्थित करने की जरूरत है। झोपड़पट्टियों की गलियों और फुटपाथों को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि लोगों को चलने में परेशानी न हो। कांग्रेस के मेनिफेस्टो में स्कूल, अस्पताल और प्ले ग्राउंड बनाने का वादा है, जिसे पूरा किया जाएगा।”
जीशान चंगेज मुल्तानी (वार्ड 62)
“मैंने एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है। क्षेत्र में हॉकर्स, ट्रैफिक जाम, गटर, नालियों और पेयजल की गंभीर समस्या है। नगरसेवक न होने के कारण विकास कार्य रुके हुए थे, जिन्हें अब तेजी से पूरा किया जाएगा।”
खान सबा हारून रशीद (वार्ड 64)
“क्षेत्र में पेयजल की समस्या को देखते हुए पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई दो-इंच की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। तीन वर्षों से रुके विकास कार्यों को अब गति दी जाएगी। शौचालयों की कमी को दूर करने के साथ-साथ गटर, नालियों और गलियों का काम तेजी से किया जाएगा।”