दो सीट तीन उम्मीदवार, हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने कर दिया गेम! फंस सकती है कांग्रेस
Haryana Rajyasabha Election: हरियाणा राज्यसभा चुनाव में दो सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। अब 16 मार्च को वोटिंग होगी, मुकाबला रोचक हो गया है और क्रॉस वोटिंग की आशंका भी बढ़ गई है।
- Written By: सजल रघुवंशी
राहुल गांधी, भुपिंदर सिंह हुड्डा (सोर्स- डिजाइन इमेज)
Haryana Rajya Sabha Congress Candidates: हरियाणा की दो रिक्त सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब और भी दिलचस्प हो गया है। राज्यसभा में तीन उम्मीदवार होने की वजह से अब वोटिंग कराई जाएगी, इन तीन उम्मीदवारों में बीजेपी के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को भाजपा का समर्थन है। गौरतलब है कि नांदल 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से मौदान में उतरे थे लेकिन जीत नहीं पाए थे।
सतीश नांदल की एंट्री और क्रॉस वोटिंग की आशंका
इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की एंट्री से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है। राज्य में भाजपा के 48 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं जबकी दो विधायक इंडियन नैशनल लोकदल के हैं और तीन निर्दलीय हैं। ऐसे में राज्यसभा की एक सीट के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए हालांकि कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं जिससे कांग्रेस की एक सीट तो पक्की मानी जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग की स्थिति में हालात बदल सकते हैं। वहीं नांदल को जीत के लिए भाजपा के दूसरी प्राथमिकता वाले 17 वोट चाहिए होंगे, साथ ही कांग्रेस के कम से कम 8 वोट और दो इनलो विधायकों के वोट चाहिए होंगे। अब सतीश नांदल को निर्दलीय विधायकों के वोट तय माने जा रहे हैं क्योंकि जब सतीश नामांकल दाखिल करने पहुंचे तब उनके साथ निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, राजेश जून और देवेंद्र कादयान साथ थे और ऐसा माना जाता है कि इन तीनों को भाजपा के नायब सिंह सैनी सरकार का समर्थन है।
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क्रॉस वोटिंग पर क्या बोले सतीश नांदल?
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने क्रॉस वोटिंग के सवाल पर कहा कि वह किसी खास दल पर निर्भर नहीं हैं और सभी विधायकों से समर्थन मांगेंगे। उन्होंने चुनाव लड़ना अपना संवैधानिक अधिकार बताया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भरोसा जताया कि कांग्रेस के पास पर्याप्त वोट हैं। गौरतलब है कि नांदल पहले भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं।
क्या हो सकती है क्रॉस वोटिंग?
दरअसल, क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं तब और बढ़ गईं जब सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया के निवास पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद पहुंचे। हालांकि बाद में कांग्रेस विधायक ने कहा कि इसमें सियासत की कोई बात नहीं है। पिछले दिनों उनके छोटे भाई की शादी में CM नहीं आ पाए थे इसलिए उन्होंने अब आकर बधाई दी।
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2024 में हुआ था खेला
उत्तर प्रदेश में 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा था। इस चुनाव में सपा के तीन उम्मीदवारों ने क्रॉस वोटिंग की थी। जिसकी वजह से भाजपा के आठवें उम्मीदवार को जीत मिली थी। ऐसा ही हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला था जिसके चलते बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा था।
