संसद में ‘वंदे मातरम’ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Hindutva Politics Maharashtra: विधानसभा चुनाव के बाद अस्तित्व में आया विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) अब लगभग टूट चुका है। राज्य के स्थानीय निकाय चुनाव में मविआ के सभी दल ‘एकला चलो’ की राह पर हैं। इसी के चलते पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व के मुद्दे पर यू-टर्न लेने की अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसा दावा संसद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ बोलने की घोषणा के बाद किया जा रहा है।
दरअसल, संसद में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ बोलने पर प्रतिबंध संबंधी राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना सामने आने के बाद उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा प्रहार किया।
‘मातोश्री’ पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा “यह किसके दिमाग की उपज है?” उन्होंने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा “शिवसेना के सांसद संसद में ‘वंदे मातरम्’ बोलेंगे ही। अगर बीजेपी में हिम्मत है तो हमें निलंबित करके दिखाए।”
ठाकरे ने याद दिलाया कि भाजपा ही वह पार्टी थी जो कहती थी कि देश में रहना है तो ‘वंदे मातरम्’ कहना होगा। उन्होंने इस परिपत्र को भाजपा के हिंदुत्व की पोल खोलने वाला बताते हुए कहा “राज्यसभा सचिवालय के इस पत्र से भाजपा के नकली हिंदुत्व का मुखौटा उतर गया है। आज वही लोग ‘वंदे मातरम्’ नहीं बोलने के लिए कह रहे हैं यह ढोंग है। न ये सच्चे हिंदू हैं, न देशभक्त।”
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उद्धव ने स्पष्ट घोषणा की “लोकसभा और राज्यसभा में हमारे सांसद ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ बोलेंगे ही।”भाजपा पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने तीखा कटाक्ष भी किया “इनके मुंह में राम और बगल में अदानी हैं।”