बेस्ट बस (सौ. सोशल मीडिया )
BEST Bus Accidents In Mumbai: बेस्ट उपक्रम में बढ़ती बस दुर्घटनाओं और कर्मचारियों की स्थिति को लेकर विधानसभा में मुद्दा उठाया गया। भाजपा गुटनेता और विधायक प्रवीण दरेकर ने ठेका प्रणाली के बजाय स्थायी वाहन चालकों की नियुक्ति करने की मांग करते हुए सरकार से स्पष्ट रुख बताने को कहा।
विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान सदस्य सुनील शिंदे ने बेस्ट बसों से होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। इस चर्चा में भाग लेते हुए दरेकर ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चालकों का नियमित काउंसलिंग और प्रशिक्षण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चालक थकान से बचें इसके लिए उनके काम के घंटे, आराम का समय और अन्य नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, दरेकर ने सुझाव दिया कि सभी चालकों की समय-समय पर आंखों और स्वास्थ्य की जांच कराई जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्हें यातायात नियमों और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। बसों में जीपीएस और स्पीड गवर्नर जैसे उपकरणों का प्रभावी उपयोग कर वाहनों की गति नियंत्रित करने की व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बेस्ट के चालक, वाहक और अन्य कर्मचारियों की स्थिति काफी दयनीय है तथा उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं मिलता। आर्थिक और मानसिक दबाव के कारण भी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार को ठेका प्रणाली के बजाय स्थायी चालकों की नियुक्ति करने पर विचार करना चाहिए।
मुंबई में बेस्ट बसों से होने वाली लगातार दुर्घटनाओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर 58 बस चालकों को बर्खास्त किया गया है, जबकि 603 चालकों को निलंबित किया गया है।
शिवसेना के विधायक सुनील शिंदे ने विधान परिषद में बेस्ट बसों से हो रही दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों को लेकर प्रश्न उठाया था। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच दुर्घटनाओं के मामलों में कार्रवाई करते हुए बेस्ट उपक्रम के 63 चालकों सहित कुल 876 चालकों को निलंबित किया गया है।
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