Mumbai को ट्रैफिक से मिलेगी राहत, 2028 तक पूरी होगी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड सुरंग
Mumbai News: मुंबई के गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिली है। दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी में सुरंग निर्माण 24x7 जारी है, जिससे 2028 तक सिग्नल-फ्री सफर संभव होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़ (सौ. सोशल मीडिया )
Goregaon Mulund Link Road Project: मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना को नई गति मिली है। गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का उत्खनन कार्य तेज गति से जारी है।
लॉन्चिंग शाफ्टर या श्प्रक्षेपण शाफ्टर इसका उपयोग सुरंग बनाने वाली मशीनों (टीबीएम) को शुरू करने के लिए किया जाता है। यह एक बड़ा भूमिगत निर्माण स्थल होता है, जो सुरंगों को खोदने वाली मशीन को नीचे उतारने के लिए बनाया जाता है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध रूप से काम पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना के अंतर्गत 5।3 किलोमीटर ब्लंबी त्रिस्तरीय डबल सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जो मुंबई की सबसे बड़ी सुरंगों में से एक होगी।
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इन सुरंगों के निर्माण के लिए दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) की आवश्यकता है। इनमें से एक टीबीएम कार्य स्थल पर पहुंच चुका हैं, जिन्हें जापान से आयात किया गया है। दूसरी टीबीएम मशीन के दिसंबर 2025 तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। पहली मशीन की असेंबलिंग अगस्त 2026 तक और दूसरी की अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
इसके बाद सुरंग की खुदाई का कार्य प्रारंभ होगा। ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का आकार लगभग 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा है। अब तक 10 मीटर तक खुदाई पूरी हो चुकी है और किनारों को मजबूत करने के लिए ‘रॉक एंकरिंग’ की जा रही है।
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साइट पर सातों दिन 24 घंटे कार्य जारी
- वर्तमान में साइट पर सातों दिन 24 घंटे कार्य जारी है। बीएमसी ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि दिसंबर 2028 तक परियोजना पूरी की जाएगी। बीएमसी के मुताबिक, यह परियोजना कुल चार चरणों में प्रस्तावित है, जिनमें यह कार्य चरण 3 (बी) के अंतर्गत आता है।
- पूरा होने पर यह मार्ग पश्चिम मुंबई के दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी से सीधे पूर्वी उपनगर मुलुंड तक जोड़ देगा। साथ ही, यह लिंक आगे मालाड माइंडस्पेस, मुंबई कोस्टल रोड और ऐरोली से जुड़कर सिग्नल-फ्री, जाम-मुक्त यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगा।
- बांगर ने कहा कि यह परियोजना उत्तर मुंबई की यातायात व्यवस्था में काफी हद तक बदलाव लाएगी। इससे पूर्व और पश्चिम उपनगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और यातायात का दबाव भी घटेगा।
