“मैं कभी नहीं होने दूंगी पवार बनाम पवार की लड़ाई”; बारामती के भविष्य पर सुप्रिया सुले का बड़ा बयान
Supriya Sule Statement on Pawar vs Pawar: सुप्रिया सुले ने कहा कि वे 2029 में बारामती में पवार बनाम पवार की लड़ाई नहीं होने देंगी। एनसीपी विलय पर भी दी अपनी प्रतिक्रिया।
- Written By: अनिल सिंह
सुप्रिया सुले का बड़ा बयान, बारामती में नहीं होने देंगी पवार बनाम पवार की लड़ाई (फोटो क्रेडिट-X)
Supriya Sule On Pawar vs Pawar Baramati: महाराष्ट्र के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ‘एबीपी मझा’ के ‘मझा विजन’ कार्यक्रम में सांसद सुप्रिया सुले ने बारामती की राजनीति और पवार परिवार के आंतरिक समीकरणों पर अपनी बेबाक राय रखी। हाल ही में हुए बारामती उपचुनाव और 2029 के विधानसभा चुनावों को लेकर चल रही चर्चाओं ने राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। विशेष रूप से जय पवार द्वारा 2029 में उम्मीदवारी की इच्छा जताने और रोहित पवार द्वारा युगेंद्र पवार का नाम सामने लाने के बाद ‘पवार बनाम पवार’ की जंग फिर से शुरू होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
इन अटकलों का जवाब देते हुए सुप्रिया सुले ने दृढ़ता से कहा, “मैं कभी भी पवार बनाम पवार का मुकाबला नहीं होने दूंगी”। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर भविष्य में ऐसी स्थिति बनती है, तो वे कोई दूसरा बड़ा फैसला ले लेंगी, लेकिन परिवार के बच्चों को एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए नहीं देखेंगी। उन्होंने पवार परिवार की जड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने ही परिवार के सदस्यों के विरुद्ध चुनावी मैदान में उतरने के पक्ष में नहीं हैं।
एनसीपी विलय और अजित पवार का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान सुप्रिया सुले से एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय के बारे में भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने टिप्पणी की कि विलय का मुद्दा अजित पवार (दादा) के दिमाग में था। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में विलय की कोई स्थिति नजर नहीं आ रही है।
सम्बंधित ख़बरें
‘बाहर मिल, गोलियों से भून दूंगा’, पुणे की शादी में हंगामा, कोयता लहरा का लूट लिया सोने का गहना
एकनाथ शिंदे से मुलाकात और महाराष्ट्र MLC चुनाव, बच्चू कडू की शिवसेना में एंट्री के पीछे की पूरी कहानी
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव, एनसीपी ने जीशान सिद्दीकी को बनाया उम्मीदवार, नामांकन दाखिल करने विधानसभा पहुंचे
शिवसेना में प्रवेश के ऐलान के बच्चू कडू ने बताया पूरा प्लान, अब प्रहार जनशक्ति पार्टी का क्या होगा?
ये भी पढ़ें- ‘बाहर मिल, गोलियों से भून दूंगा’, पुणे की शादी में हंगामा, कोयता लहरा का लूट लिया सोने का गहना
सुप्रिया सुले ने बताया परिवार का सच
अजित पवार के साथ हुई हालिया दुखद घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने परिवार की भावनाओं को साझा किया और कहा कि उनके पिता (शरद पवार) अपनी भावनाएं बाहर जाहिर नहीं करते, लेकिन परिवार के भीतर वैसी ही संवेदनाएं हैं जैसी किसी भी सामान्य घर में मुखिया के जाने के बाद होती हैं।
2029 का भविष्य और गठबंधन
जब उनसे 2029 के चुनावी समीकरणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उस समय गठबंधन कैसे बनेंगे और क्या स्थिति होगी, यह अभी कहना मुश्किल है। हालांकि, उनका पूरा जोर इस बात पर रहा कि राजनीति अपनी जगह है और परिवार की एकजुटता अपनी जगह। सुले का यह बयान बारामती की जनता और कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा संकेत है, जो बार-बार परिवार के सदस्यों के बीच हो रही राजनीतिक लड़ाई से असमंजस में रहते हैं।
