महाराष्ट्र में 44 % कमीशनखोरी, MLA 10%, अफसर 15%, बाकी मंत्रालय, ठेकेदारों के खुलासे से हड़कंप
Maharashtra Corruption Network: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुती सरकार पर 44% कमीशनखोरी का आरोप लगाया। ठेकेदारों के खुलासे के बाद विकास कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
विधायक विजय वडेट्टीवार (सोर्सः डिजाइन फोटो)
Vijay Wadettiwar Reveals Maharashtra Corruption System: महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए महायुती सरकार पर 44 प्रतिशत कमीशनखोरी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ठेकेदारों को विकास कार्यों में विधायक, अधिकारी और मंत्रालय स्तर तक भारी कमीशन देना पड़ता है, जिससे सरकारी कामों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
सबूत के तौर पर वडेट्टीवार द्वारा साझा किए गए वीडियो में यवतमाल जिला ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष प्रवीण उंबस्कर कहते हैं कि किसी काम का ठेका पाने के लिए ठेकेदारों को पहले 10 प्रतिशत कमीशन विधायक को देना पड़ता है।
काम मिलने पर 18% जीएसटी, इसके अलावा अधिकारियों को 10 प्रतिशत तक हिस्सा देना पड़ता है, जबकि शेष रकम विभिन्न मंत्रालय और अन्य स्तरों पर खर्च होती है। उनका आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भुगतान प्राप्त करने के लिए भी 5 प्रतिशत अतिरिक्त कमीशन देना पड़ता है।
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विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल
उंबस्कर ने विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि परियोजनाओं की लागत का बड़ा हिस्सा विभिन्न कटौतियों और कथित कमीशन में खर्च हो जाता है, जिससे वास्तविक निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त धन नहीं बच पाता। ऐसी स्थिति में ठेकेदारों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें, नाले, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाएं तैयार करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और नागरिक बेहतर विकास कार्यों की अपेक्षा रखते हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालती है, जिसका सीधा असर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर पड़ता है।
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सरकार से जवाब की मांग
विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर वित्तीय प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर किसानों की अनुदान राशि का भुगतान लंबित है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों के बकाया बिल भी समय पर नहीं चुकाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और ठेकेदारों को उनके अधिकार का पैसा नहीं मिल पा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि सरकार समृद्धि परियोजना को लेकर लगातार दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। उन्होंने सरकार से इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने, वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता लाने और विकास कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
