
अंधेरे में क्यूबा, फोटो (सो. एपी)
Donald Trump Cuba Tariffs News In Hindi: क्यूबा का तटीय शहर सांता क्रूज डेल नॉर्टे, जहां देश का सबसे बड़ा थर्मोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट स्थित है इस समय गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। संयंत्र के दोबारा शुरू होने के बावजूद, यहां के स्थानीय लोग अब भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और आसपास उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
वहीं, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमलों और तेल आपूर्ति में आई रुकावट के कारण क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है जिससे हालात और भी कठिन हो गए हैं।
इस संकट ने आम लोगों के जीवन को बेहद कठिन बना दिया है। सांता क्रूज डेल नॉर्ट के लोग रोजाना घंटों बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं और उन्हें खाना पकाने के लिए कोयले और जलाऊ लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि केनिया मोंटोया नामक महिला ने अपने बच्चों को खाना खिलाने के लिए अपने घर के बाथरूम का लकड़ी का दरवाजा ही तोड़ दिया ताकि उसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सके। क्षेत्र में कोयले की आपूर्ति भी कम होती जा रही है जिससे भविष्य की अनिश्चितता और बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल बेचने या मुफ्त में उपलब्ध कराने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इस सप्ताह उन्होंने कहा कि क्यूबा अब एक असफल राष्ट्र बन चुका है और उसे वेनेजुएला या किसी अन्य देश से आर्थिक मदद नहीं मिल रही है।
गौरतलब है कि जनवरी की शुरुआत में वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और वहां के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद क्यूबा को मिलने वाली तेल आपूर्ति पूरी तरह रुक गई। वहीं, क्यूबा सरकार ने अब तक अपने तेल भंडार की स्थिति पर कोई जानकारी नहीं दी है। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि रूस या कोई दूसरा देश क्यूबा को अतिरिक्त तेल आपूर्ति करेगा या नहीं।
क्यूबा में मौजूदा संकट सिर्फ बिजली कटौती तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरी सामानों की भारी कमी और लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की जिंदगी बेहद मुश्किल बना दी है। सांता क्रूज डेल नॉर्ट में रहने वाले बुज़ुर्गों की हालत बेहद खराब है। 67 वर्षीय ग्लैडिस डेलगाडो जैसी महिलाएं मात्र 6 डॉलर महीने की पेंशन पर अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
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वहीं, पावर कंपनी में 40 साल तक सेवा देने वाली मारिएला विएल को भी सिर्फ 8 डॉलर की मासिक पेंशन मिलती है जिससे वह एक पैकेट चिकन तक खरीद पाने में असमर्थ हैं। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद, क्यूबा के लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत और जिजीविषा को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि वे इस बात से डरे हुए हैं कि सबसे बुरा दौर अभी आना बाकी है।






