
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर में भक्तों की भीड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Angarki Sankashti Chaturthi In Siddhivinayak Temple: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में मंगलवार, 6 जनवरी को अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर के बाहर लाइन में खड़े होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने पहुंचे। मंदिर में मौजूद एक भक्त ने कहा, “आज बप्पा के दर्शन के लिए भीड़ बहुत ज्यादा है। यह साल का पहला अंगारकी उत्सव है, इसलिए सभी उत्साहित हैं।”
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने घोषणा की है कि 7 जनवरी से 11 जनवरी तक मंदिर बंद रहेगा। इस दौरान मुख्य मूर्ति पर पारंपरिक सिंदूर लेपन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने बताया कि यह निर्णय देश और विदेश से आने वाले लाखों भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
Mumbai, Maharashtra: On the occasion of Angaraka Sankashti Chaturthi, a devotee says, “Today marks the first Angaraka festival of the new year, arriving in the first week of 2026. After a year-long wait, there is a huge crowd at the Angaraka celebration. Devotees have lined up in… pic.twitter.com/t71CSIBy7h — IANS (@ians_india) January 6, 2026
पांच दिनों की बंदी के दौरान भक्तों को गर्भगृह में मूल मूर्ति के दर्शन की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, मंदिर में प्रतिकृति मूर्ति की पूजा और दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर की कार्यकारी अधिकारी वीना पाटिल ने भक्तों से सहयोग और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।
सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना 19 नवंबर 1801 को लक्ष्मण विठू और देउबाई पाटिल ने की थी। यह मंदिर मुंबई के प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में गिना जाता है और सालाना लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मंदिर में सालाना सिंदूर लेपन की रस्म पर विशेष तौर पर भारी भीड़ रहती है, जिसके कारण इसे कुछ दिनों के लिए बंद रखना एक पुरानी परंपरा है।
रस्मों और अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद, मंदिर सोमवार, 12 जनवरी 2026 को फिर से भक्तों के लिए खुल जाएगा। ट्रस्ट ने बताया कि सुबह शुद्धिकरण, नैवेद्य और आरती के बाद दोपहर 1 बजे से गर्भगृह से नियमित दर्शन शुरू होंगे। भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।






