Mira Bhayandar municipal meetin (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Municipal Meeting: 19 फरवरी 2026 को मनाई जाने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर कार्यक्रमों की तैयारियों तथा घोड़बंदर किला के संरक्षण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के लिए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में महापौर डिंपल मेहता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटिल, भाजपा के गटनेता हसमुख गहलोत, अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत, उपायुक्त कविता बोरकर, उपायुक्त प्रणाली घोंगे, शहर अभियंता दीपक खांबित, नगर सचिव दिनेश कांगुडे और सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राज घरत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मीरा-भाईंदर मनपा क्षेत्र में स्थित घोड़बंदर किला एक ऐतिहासिक धरोहर स्थल है, जो पुरातत्व विभाग के स्वामित्व वाला राज्य संरक्षित स्मारक है। ‘महाराष्ट्र वैभव राज्य संरक्षित स्मारक संरक्षण योजना’ के अंतर्गत जून 2019 से जून 2024 तक पांच वर्षों के लिए मनपा और पुरातत्व विभाग के बीच संरक्षण, रखरखाव और मरम्मत हेतु समझौता किया गया था।
इस अवधि में मनपा द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च कर संरचनात्मक मरम्मत, परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा प्रबंध और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया। हालांकि, जून 2024 में समझौते की अवधि समाप्त हो चुकी है। मनपा ने अगले दस वर्षों के लिए रखरखाव और विकास का प्रस्ताव संबंधित पुरातत्व विभाग को भेजा है, लेकिन अब तक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इसके कारण किले परिसर में विद्युत व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों में प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
19 फरवरी 2026 को शिव जयंती के अवसर पर किले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए महापौर डिंपल मेहता ने संबंधित विभागों को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, विद्युत प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुरातत्व विभाग से आवश्यक अनुमति और समन्वय प्राप्त होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घोड़बंदर किला शहर की ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है और मनपा इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।