शरद पवार के पाला बदलने की अटकलों से हिला विपक्ष, अगर महायुति में गए तो लोकसभा में पूरी तरह बदल जाएगा नंबर गेम
Sharad Pawar Eknath Shinde Meeting MVA Numbers Game: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शरद पवार की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में नया राजनीतिक गणित गरमा गया है।
- Written By: अनिल सिंह
नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह (बाएं) और शरद पवार (फोटो क्रेडिट-X)
Sharad Pawar NDA Joining News: महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के अध्यक्ष शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की विधान भवन परिसर में हुई औचक मुलाकात ने देश के राजनीतिक गलियारों में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। 6 सांसदों की बगावत का दंश झेल रहे महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में इस मुलाकात के बाद से भारी अविश्वास और टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने इस कदम पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन अटकलों के मुताबिक शरद पवार ने राष्ट्रीय स्तर पर कोई नया फैसला लिया या पाला बदला, तो लोकसभा में समूचे विपक्ष का गणित पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा और सत्ताधारी महायुति अजेय स्थिति में पहुंच जाएगी।
संजय राउत का तीखा हमला
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने इस मुलाकात की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में सीधे तौर पर शरद पवार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े और सम्मानित कद वाले नेता को उन लोगों को राजनीतिक मान्यता देने से बचना चाहिए जिन्होंने पीठ में छुरा घोंपा है।
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राउत ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पूछा, “जिस एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र को धोखे और भ्रष्टाचार से बर्बाद कर दिया, पवार साहब ने बैठक के लिए उसी का चैंबर क्यों चुना? क्या पूरा विधान भवन खाली था या उनके पास खुद का वाईबी चव्हाण प्रतिष्ठान कम पड़ गया था? हमारे जमीनी कार्यकर्ता इस बात से बेहद आहत हैं।” इसी तरह कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी इस मुलाकात को गैर-जरूरी बताते हुए कहा कि मौजूदा नाजुक राजनीतिक हालात को देखते हुए पवार साहब इस बैठक को आसानी से टाल सकते थे।
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लोकसभा का मौजूदा गणित
अगर महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों के मौजूदा आंकड़ों को देखें, तो महाविकास अघाड़ी के पास इस समय कुल 24 सीटें हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कांग्रेस का है जिसके पास 13 सांसद हैं, जबकि शरद पवार की राकांपा के पास 8 और भारी टूट के बाद उद्धव ठाकरे के पास केवल 3 सांसद बचे हैं।
इसके विपरीत, सत्ताधारी महायुति के पास भी इस समय कुल 24 सीटें हैं। इसमें बीजेपी के पास 9 सांसद हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पास अब 13 सांसद हो चुके हैं क्योंकि पिछले दिनों उद्धव गुट के 6 सांसद पाला बदलकर उनके खेमे में आ गए थे। इसके अलावा अजीत पवार गुट के पास 1 और 1 अन्य निर्दलीय सांसद महायुति के साथ खड़ा है।
महायुति की संभावित मजबूती
देश की राजनीति में हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर सांसदों का दलबदल देखा गया है, जिसमें ममता बनर्जी की टीएमसी के 23 सांसद, उद्धव ठाकरे के 6 सांसद और आम आदमी पार्टी के 7 सांसद अपनी मूल पार्टी या गठबंधन छोड़ चुके हैं। अब यही खतरा शरद पवार के 8 सांसदों पर भी मंडरा रहा है। अगर शरद पवार NDA में शामिल हो जाते हैं तो देश की राजनीति में भी विपक्ष का गणित बिगड़ जाएगा।
यदि शरद पवार विपक्ष का साथ छोड़कर बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होते हैं, तो विपक्ष (MVA) के पास महज 16 सीटें (कांग्रेस 13 और शिवसेना UBT 3) रह जाएंगी। वहीं दूसरी ओर, महायुति का आंकड़ा 24 से सीधे बढ़कर 32 सांसदों पर पहुंच जाएगा। शरद पवार का यह संभावित कदम न केवल महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के वजूद को खत्म कर देगा, बल्कि दिल्ली की संसद में भी विपक्ष के हौसले पस्त कर देगा।
