नासिक: 4000 करोड़ रूपए का टेंडर घोटाला? भुजबल के खिलाफ विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठे विधायक सुहास कांदे
Nashik Suhas Kande: शिवसेना (शिंदे गुट) विधायक सुहास कांदे ने 4 हजार करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया।
- Written By: अंकिता पटेल
विधायक सुहास कांदे (फोटो: नवभारत डिजाइन फोटो)
Nashik Suhas Kande Allegations Bhujbal Row: नासिक महाराष्ट्र की राजनीति में कांदेद-भुजबल का पुराना विवाद एक बार फिर उबाल पर है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक सुहास कांदे ने गुरुवार को मुंबई स्थित विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर जोरदार आंदोलन किया। कांदे ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा निकाली गई करीब 4 हजार करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस पूरी प्रक्रिया में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
विधायक सुहास कांदे की मुख्य मांगें
आंदोलन के दौरान विधायक सुहास कांद ने राज्य सरकार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखीं भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते संबंधित निविदा प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए। कांदे ने विशेष रूप से समीर भुजबल की इस निविदा प्रक्रिया में संलिप्तता की गहन जांच कराने की मांग की है।
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महायुति के लिए बढ़ी असहजता
- राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वर्तमान में सुहास कांदे, छगन भुजबल और समीर भुजबल तीनों एक ही ‘महायुति’ गठबंधन का हिस्सा हैं।
- एक ही गठबंधन के नेताओं का सड़कों पर उत्तरकर एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाना सरकार के लिए बेहद असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
- अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस आंतरिक कलह को कैसे सुलझाती है और क्या इन आरोपों की वाकई जांच होती है।
नांदगांव और येवला का ‘सियासी रण’
विधायक कांदे और भुजबल परिवार के बीच टकराव का इतिहास काफी पुराना और गहरा है। यह राजनीतिक रंजिश मुख्य रूप से नांदगांव और येवला विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी है सुहास कांदे ने 2019 में पंकज भुजबल और 2024 के चुनाव में समीर भुजबल को हराकर उन्हें चुनावी पटखनी दी थी।
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येवला क्षेत्र छगन भुजबल का गढ़ रहा है, जबकि उससे सटे नांदगांव क्षेत्र में कांदे की बढ़ती सक्रियता और भुजबल परिवार को दी गई चुनावी मात ने दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट बढ़ा दी है।
