ठाणे में एक्शन मोड: CM शिंदे के दौरे के बाद मेयर की आपात बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
Thane Eknath Shinde: ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद मेयर शर्मिला पिंपलोलकर ने सहायक आयुक्तों के साथ आपात बैठक की। अधिकारियों को फील्ड पर उतरने व गड्ढे-मैनहोल ठीक करने के आदेश।
- Written By: रूपम सिंह
सीएम शिंदे (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Thane Municipal Corporation Eknath Shinde: राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे मनपा आपदा प्रबंधन कक्ष का दौरा करने एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त निर्देश के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। महापौर शर्मिला पिंपलोलकर ने गुरुवार को मनपा की सभी प्रभाग समितियों के सहायक आयुक्तों के साथ एक अर्जेंट मीटिंग की। मीटिंग में सभी सहायक आयुक्तों को मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
महापौर ने कहा कि “वार्ड के मुख्य अधिकारी के तौर पर सहायक आयुक्त सिर्फ वातानुकूलित कार्यालय में नहीं बैठेंगे बल्कि सभी को इस बात पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए कि उनके वार्ड में क्या हो रहा है, क्या समस्याएं हैं, कहां खतरा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी अधिकारी रहें सतर्क
पिपलोलकर ने कहा कि शहर में किसी भी इमरजेंसी स्थिति पर तुरंत कंट्रोल करने के लिए हर डिपार्टमेंट तैयार रहे और नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाए। मनपा मुख्यालय के अरविंद पेंडसे सभागृह में हुई बैठक में सभागृह नेता हनमंत जगदाले, शिवसेना गुट नेता पवन कदम, अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, उपायुक्त जी.जी. गोडदेपुरे, मधुकर बोडके, डॉ.मिताली संचेती, दीपक झिंजाड, सभी प्रभाग समितियों के सहायक आयुक्त और कार्यकारी अभियंता शामिल हुए।
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ठाणे महापौर ने कहा कि सभी सहायक आयुक्तों के लिए फील्ड में जाकर उस वार्ड के स्थानीय नगरसेवक के साथ कोऑर्डिनेट करना जरूरी है। यदि कोई हादसा देरी, कोऑर्डिनेशन की कमी या लापरवाही से होता है, तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदार होंगे।
गड्डों, मैनहोल और सीवर पर रखें खास ध्यान
मानसून के दौरान सभी अधिकारी व कर्मचारियों के लिए अपने मोबाइल नंबर 24 घंटे चालू रखना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, हर विभाग के प्रमुख को अपने सहयोगी कर्मचारियों को इस बारे में लिखकर इंस्ट्रक्शन देने का ऑर्डर दिया गया।
मेयर ने समय-समय पर यह चेक करने का निर्देश दिया कि हर वार्ड कमेटी में आपदा प्रबंधन कक्ष 24×7 काम कर रहा है या नहीं। संबंधित कार्यकारी अभियंताओं को आदेश दिए गए कि वे बारिश की वजह से बने गड्डों, खुले सीवर, मैनहोल और पब्लिक टॉयलेट के चैंबरों की तुरंत जांच करके उन्हें ठीक करें। हर प्रभाग समिति को निर्देश दिया गया है कि वे अपने इलाके में नियमित जांच करें ताकि लोगों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
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ट्रैफिक जाम रोकने के लिए बनाएं तालमेल
बैठक में सड़कों पर पानी भर जाना, बिना इजाजत पार्किंग की जगह और फेरीवाले ट्रैफिक जाम के मुख्य कारण बताए गए। इन समस्याओं को दूर करने के लिए, विभागीय उपायुक्त को ट्रैफिक पुलिस के साथ तालमेल करके सेंसिटिव जगहों की पहचान करने और ज़रूरी बचाव के उपाय लागू करने का आदेश दिया गया।
खतरनाक होर्डिंग्स और बिल्डिंग पर कार्रवाई की जाए
खतरनाक और बिना इजाजत वाले होर्डिंग्स का सर्वे करके असुरक्षित होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, जर्जर और खतरनाक इमारतों की लिस्ट को अपडेट करके संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाए और अगर ऐसी इमारतों के बारे में जनप्रतिनिधियों से जानकारी मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
