

Maharashtra Political Meeting Sharad Pawar: महाराष्ट्र विधानसभा भवन में रॉकां (शरद गुट) के प्रमुख शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में अपने विधायकों के साथ बैठक की। इस मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के कथित 'ऑपरेशन टाइगर' के बाद अब शरद पवार की पार्टी में भी टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में शिंदे और पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
एक ओर सरकार के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने संकेत दिया कि महायुति और एनडीए का कुनबा और मजबूत होने वाला है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस (शप) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने इस मुलाकात को राजनीतिक रंग न देने की अपील की।
सांसद राऊत ने पवार के इस कदम पर कहा कि जिन्होंने महाविकास आघाड़ी की सरकार गिराई, उनके कक्ष में जाकर पार्टी की बैठक करना किसी बड़े नेता की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। राऊत ने कहा कि शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे के कक्ष में बैठक करने के बजाय कोई दूसरा स्थान चुना जा सकता था।
विधानभवन में एकनाथ शिंदे और शरद पवार की मुलाकात के बाद गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में महायुति और देश में एनडीए पहले से अधिक मजबूत दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही कुछ बड़े राजनीतिक फैसले सामने आएंगे, संजय राऊत के बयान पर पलटवार करते हुए कदम ने कहा कि गुरु शिंदे से मिले, इसलिए चेले को बुरा लगा होगा। शायद गुरु ने अब अपने चेले को सब कुछ बताना बंद कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संजय राऊत कभी शिवसेना के नहीं थे, बल्कि शरद पवार के चेले हैं। कदम ने दावा किया कि शिंदे-पवार की मुलाकात भविष्य की राजनीतिक घटनाओं की शुरुआत है और एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा वाली शिवसेना को आगे बढ़ा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बाताया की शरद पवार राज्य के वरिष्ठ और बड़े नेता हैं। वे हमारे कक्ष में आए थे, इसलिए उनका स्वागत करने के लिए मैं स्वयं गया, यही महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है और हम उसे कायम रखते हैं। इस मुलाकात से जिनके पेट में दर्द हो रहा है या जिनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, उनके लिए मुंबई और ठाणे में आपला दवाखाना' है। वे वहां जाकर अपना इलाज करा लें। ऐसी आलोचनाओं पर हम कोई ध्यान नहीं देते।
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि शरद पवार के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही शिंदे के कक्ष में विधायकों की बैठक आयोजित की गई थी। इस मुलाकात के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था और इसे अनावश्यक राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए शरद पवार विधानभवन आए थे।
इसके बाद वे अपने विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे के भूतल स्थित कक्ष में पहुंचे और वहीं बैठक की। आव्हाड ने कहा कि महाविकास आघाड़ी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।