Sanjay Raut on Ajit Pawar Plane Crash Sunetra Pawar (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut Sunetra Pawar FIR Demand: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के मामले में अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज न होने को लेकर राज्य की महायुति सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार के मन में कोई पाप नहीं है, तो वह मामले की जांच को कानूनी रूप देने से क्यों कतरा रही है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को हुए इस विमान हादसे के बाद से बारामती में अब तक औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। विपक्षी नेता रोहित पवार ने भी इस संबंध में प्रयास किए थे, लेकिन पुलिस स्तर पर उन्हें सफलता नहीं मिली।
संजय राउत ने मुहावरे का प्रयोग करते हुए बीजेपी को घेरा और कहा, “अगर आपने कुछ गलत नहीं किया (कर नहीं तो डर नहीं), तो फिर जांच और एफआईआर से डर कैसा? एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि वह निष्पक्ष जांच का आदेश दे चुकी है, लेकिन दूसरी तरफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को रोका जा रहा है। बिना एफआईआर के किसी भी जांच की कानूनी वैधता क्या होगी?” राउत ने सरकार की मंशा पर संदेह जताते हुए इसे केवल समय बिताने की रणनीति बताया।
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राउत ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री और अजित पवार की उत्तराधिकारी सुनेत्रा पवार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार आज सरकार का हिस्सा हैं और बारामती उपचुनाव में उम्मीदवार भी हैं, उन्हें सबसे पहले अपने पति की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग करनी चाहिए। राउत के अनुसार, “सुनेत्रा वाहिनी को सामने आकर पुलिस से पूछना चाहिए कि आखिर केस दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है।”
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। महायुति सरकार का कहना है कि विमान हादसे की तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और यदि किसी भी प्रकार की साजिश या तकनीकी लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बारामती उपचुनाव के मतदान (23 अप्रैल) से पहले अजित पवार की मौत का यह मुद्दा भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि संजय राउत के इस हमले के बाद सरकार और सुनेत्रा पवार की क्या प्रतिक्रिया आती है।