Baramati Bypoll 2026: क्या बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की राह आसान करेगी कांग्रेस? आज होगा फैसला

Baramati Bypoll 2026: नामांकन वापसी का आज आखिरी दिन। सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष से की अपील। क्या बारामती उपचुनाव में कांग्रेस के आकाश मोरे वापस लेंगे नाम? आज होगा फैसला।
Sunetra Pawar Baramati Bypoll 2026
Sunetra Pawar Baramati Bypoll 2026 (डिजाइन फोटो)
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Baramati Bypoll 2026 Withdrawal Day: महाराष्ट्र की सबसे चर्चित विधानसभा सीट बारामती में उपचुनाव के लिए आज (9 अप्रैल 2026) का दिन निर्णायक साबित होने वाला है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि होने के कारण आज दोपहर तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि उपमुख्यमंत्री और राकांपा (NCP) प्रमुख सुनेत्रा पवार की राह कितनी आसान या कठिन होगी। जहाँ एक ओर सुनेत्रा पवार ने 'निर्विरोध' निर्वाचन के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर 53 उम्मीदवारों की लंबी फेहरिस्त ने महायुति की चिंता बढ़ा दी है।

दिवंगत नेता अजित पवार के निधन से खाली हुई इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सुनेत्रा पवार खुद मोर्चे पर उतर आई हैं। बुधवार (8 अप्रैल) की शाम उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हवर्धन सपकाल से फोन पर बात की और एक विशेष अनुरोध किया।

सुनेत्रा पवार की कांग्रेस से अपील

सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने हर्षवर्धन सपकाल से आग्रह किया है कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार आकाश मोरे का नामांकन वापस ले ले। उन्होंने तर्क दिया कि बारामती की 'जनभावना' और दिवंगत अजित पवार के प्रति सम्मान को देखते हुए इस चुनाव को निर्विरोध संपन्न कराना चाहिए। हालाँकि, कांग्रेस ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। विपक्षी खेमे में इस बात पर मंथन जारी है कि क्या वे भाजपा-एनसीपी गठबंधन को 'वॉकओवर' देंगे या चुनावी मुकाबले में डटे रहेंगे।

फडणवीस का 'बड़े भाई' जैसा समर्थन

उपचुनाव की रणनीति को लेकर सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी विस्तृत चर्चा की। सूत्रों की मानें तो फडणवीस ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भाजपा पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी है। फडणवीस ने 'बड़े भाई' की भूमिका निभाते हुए न केवल चुनाव प्रचार की योजना पर मार्गदर्शन दिया, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं को भी सुनेत्रा पवार की जीत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आज दोपहर तक हटेगा संशय का बादल

बारामती उपचुनाव के लिए अब तक रिकॉर्ड 53 नामांकन दाखिल किए गए हैं। यदि कांग्रेस और अन्य प्रमुख निर्दलीय उम्मीदवार पीछे नहीं हटते हैं, तो 23 अप्रैल को होने वाला मतदान काफी दिलचस्प होगा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, आज (9 अप्रैल) नाम वापस लेने का आखिरी मौका है। बारामती की जनता और पूरे महाराष्ट्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस सुनेत्रा पवार के लिए रास्ता साफ करेगी या फिर बारामती के रण में एक बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

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