हिम्मत है तो ‘वर्चुअल बकरा’ काट के दिखाओ, बकरीद और मदरसों पर नितेश राणे का सबसे विवादित बयान
Nitesh Rane Bakrid Controversial Statement: भाजपा विधायक नितेश राणे ने बकरीद पर 'वर्चुअल बकरा' काटने की चुनौती देते हुए मदरसों को बंद करने की मांग की। उनके बयान से सियासी हलचल पैदा हो गई है।
- Written By: अनिल सिंह
Bakrid Virtual Bakra Controversy: महाराष्ट्र में आगामी त्योहारों और राजनीतिक हलचलों के बीच भाजपा नेता नितेश राणे के बयानों ने एक बार फिर सांप्रदायिक और राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। एक जनसभा में महायुति सरकार के रुख को स्पष्ट करने का दावा करते हुए राणे ने सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय के रीति-रिवाजों और धार्मिक शिक्षण संस्थानों को अपने निशाने पर लिया। उन्होंने हिंदू त्योहारों के दौरान दी जाने वाली प्रशासनिक और सामाजिक सलाहों की तुलना मुस्लिम त्योहारों से करते हुए तीखा तंज कसा।
नितेश राणे ने कहा, “जब हिंदुओं का त्योहार आता है, तो फोकट की सलाह देने वालों की बाढ़ आ जाती है। होली पर पानी बचाने के लिए ‘ड्राई होली’ खेलने को कहा जाता है और दिवाली पर प्रदूषण मुक्त ‘इको-फ्रेंडली’ दिवाली मनाने का ज्ञान दिया जाता है। लेकिन जब बकरीद आती है, तो ये सारे पर्यावरणविद और धर्मनिरपेक्ष नेता चुप क्यों हो जाते हैं? अगर सच में हिम्मत है, तो यह कहकर दिखाओ कि इस बार ‘वर्चुअल बकरा’ काटो और पर्यावरण की रक्षा करो।” उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के नाम पर सड़कों और पानी के स्रोतों को दूषित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
“मदरसे आतंकवाद के अड्डे”, नितेश राणे का तीखा हमला
बकरीद के अलावा नितेश राणे ने राज्य में चल रहे मदरसों को लेकर भी एक बेहद गंभीर और विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि कई मदरसों में धार्मिक शिक्षा की आड़ में युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राज्य के सभी अवैध मदरसों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाना चाहिए और जो वैध हैं उनकी भी कड़ी निगरानी होनी चाहिए क्योंकि ये देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
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पशु बाजारों और त्योहारों के नियमों को लेकर विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भड़कते हुए राणे ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राज्य के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि राज्य में ‘देवेंद्र फडणवीस’ (देवाभाऊ) की मजबूत सरकार है, जो तुष्टिकरण की राजनीति के आगे कभी नहीं झुकेगी। राणे ने चेतावनी दी कि यदि त्योहारों की आड़ में कानून हाथ में लेने या जबरन प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी की कोशिश की गई, तो प्रशासन सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
विपक्ष और अल्पसंख्यक आयोग ने दर्ज कराई कड़ी आपत्ति
नितेश राणे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर चुनावों से पहले ध्रुवीकरण करने के लिए मुसलमानों को टारगेट कर रही है। देश किसी की मर्जी से नहीं बल्कि बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान से चलता है और हर नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार जीने का हक है। वहीं अल्पसंख्यक आयोग के कुछ पदाधिकारियों ने भी इस तरह के भड़काऊ बयानों पर स्वतः संज्ञान लेने और सामाजिक शांति बनाए रखने की अपील की है।
