IPL मैचों में ‘सलाम मुंबई’ नारे पर बढ़ा विवाद; BJYM ने MCA अध्यक्ष से मिलकर की ‘नमस्कार मुंबई’ लिखने की मांग
IPL Salam Mumbai Controversy BJYM: आईपीएल मैचों में 'सलाम मुंबई' के नारे पर भड़का विवाद। भाजपा युवा मोर्चा ने एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक से मिलकर 'नमस्कार मुंबई' और 'जय महाराष्ट्र' लिखने की मांग की।
- Written By: अनिल सिंह
सलाम मुंबई पर BJYM ने जताया ऐतराज, MCA को लिखा पत्र
IPL Salam Mumbai Screen Controversy: मुंबई की धरती पर क्रिकेट और राजनीति का पुराना नाता रहा है। आईपीएल के मौजूदा सीजन के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में मैच देखने आ रहे लाखों दर्शकों के बीच तब एक नया विमर्श छिड़ गया, जब स्क्रीन पर बार-बार ‘सलाम मुंबई’ लिखा हुआ दिखाई दिया। भाजपा की युवा इकाई ने इसे सीधे तौर पर मुंबई की भाषाई और सांस्कृतिक अस्मिता के साथ खिलवाड़ करार दिया। इस विवाद को लेकर मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष दीपक सिंह ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए क्रिकेट एसोसिएशन के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
दीपक सिंह ने एमसीए को दिए अपने आधिकारिक बयान में कहा, “मुंबई केवल एक महानगर नहीं है, बल्कि यह महान छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र की राजधानी है। यहां की अपनी एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मराठी भाषा की गरिमा है। ‘सलाम मुंबई‘ जैसे नारे हमारी पारंपरिक पहचान से मेल नहीं खाते। खेल के मैदानों पर भी हमारी संस्कृति दिखनी चाहिए, इसलिए स्क्रीन पर तत्काल प्रभाव से ‘नमस्कार मुंबई’ या ‘नमस्ते मुंबई’ जैसे आदरसूचक शब्दों का प्रयोग शुरू होना चाहिए।”
‘जय महाराष्ट्र’ का नारा जोड़ने की मांग पर बनी सहमति
भाजयुमो के प्रतिनिधिमंडल ने एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक से विशेष मुलाकात के दौरान एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने आग्रह किया कि महाराष्ट्र में होने वाले प्रत्येक क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम की डिजिटल स्क्रीन पर गौरवशाली ‘जय महाराष्ट्र’ का नारा प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने प्रतिनिधिमंडल की दलीलों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि मुंबई के स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सर्वोपरि रखते हुए जल्द ही इस तकनीकी बदलाव को लागू किया जाएगा।
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मराठी बनाम हिंदी और अंग्रेजी नामों पर पहले भी हुआ है विवाद
मुंबई की राजनीति को करीब से देखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद कोई नया नहीं है। इससे पहले भी मुंबई में स्थानीय बनाम बाहरी संस्कृति और मराठी भाषा के गौरव को लेकर कई बड़े आंदोलन हो चुके हैं। हाल ही में मुंबई के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों के औपनिवेशिक अंग्रेजी नामों को बदलकर शुद्ध मराठी और ऐतिहासिक नामों में परिवर्तित किया गया था। अब आईपीएल जैसे वैश्विक स्तर के बड़े खेल मंच पर ‘सलाम’ शब्द को हटाने की यह मांग उसी सांस्कृतिक शुद्धिकरण की राजनीति का एक अगला हिस्सा मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘नेम गेम’ की नई जंग
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ‘एक्स’ (X) और इंस्टाग्राम पर भी नेटिजन्स के बीच दो गुट बन गए हैं। जहां एक बड़ा वर्ग भाजपा युवा मोर्चा के इस कदम की सराहना करते हुए इसे मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं कुछ क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि खेल को भाषा और राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए। बहरहाल, आगामी आईपीएल मैचों के दौरान वानखेड़े की स्क्रीन पर ‘सलाम’ की जगह ‘नमस्कार’ दिखाई देता है या नहीं, इस पर अब सभी राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं।
