उद्धव ठाकरे फिर बनेंगे MLC? महाराष्ट्र की राजनीति में आया बड़ा मोड़, संजय राउत ने ठोकी मजबूत दावेदारी

Uddhav Thackeray MLC Election: उद्धव ठाकरे फिर जाएंगे विधान परिषद! संजय राउत ने एमवीए की ओर से दावेदारी की पेश। अप्रैल में खाली हो रही 9 सीटों पर सियासी घमासान तेज।
Sanjay Raut backs Uddhav Thackeray for re-election to Maharashtra Vidhan Parishad. MVA eyes one sure seat as MLC terms of 9 members end in April.
विधान परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे (डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Vidhan Parishad Polls: शिवसेना (यूर्बोटी) ने गठबंधन की मजबूरियों के चलते राज्यसभा सीट के लिए शरद पवार को समर्थन देने के बाद अब विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाडी (एमवीए) के लिए पक्की मानी जा रही सीट पर उद्धव ठाकरे को उम्मीदवार बनाए जाने की दावेदारी लगभग पेश कर दी है।

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि उद्धव ठाकरे विधानमंडल में विपक्ष की एक मजबूत आवाज हैं और उनका दोबारा निर्वाचित होना जरूरी है। सभी विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं की भी यही इच्छा है कि उद्धव ठाकरे फिर से विधान परिषद में जाएं। राउत ने कहा कि एमवीए आगामी विधान परिषद चुनाव में कम से कम एक सीट जीत सकती है और इसके लिए चुनाव निर्विरोध कराने की कोशिश होनी चाहिए।

एमवीए में शिवसेना (यूबीटी) के 20 विधायक हैं, जो गठबंधन में सबसे बड़ा दल है। इसके बाद कांग्रेस के 16 और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के 10 विधायक हैं। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि उद्धव ठाकरे विधानमंडल और परिषद में एक मजबूत आवाज हैं। हम सभी चाहते हैं और सभी वरिष्ठ विपक्षी नेताओं की भी इच्छा है कि उद्धव ठाकरे दोबारा विधानमंडल में जाएं।

सभी दल मिलकर सही समय पर फैसला करेंगे

राउत ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि विधान परिषद चुनाव की घोषणा होने के बाद उचित समय पर एमवीए के सभी घटक दल मिलकर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि एमवीए के विधायक कोई गलत निर्णय नहीं लेंगे। उद्धव ठाकरे, भाजपा के चार तथा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, राकांपा, कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार) के एक-एक सदस्य का कार्यकाल खत्म होने के कारण नी एमएलसी सीट के लिए चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है। राउत ने कहा कि यदि सही रणनीति बनाई जाए, तो एमवीए दो सीट भी जीत सकता है, लेकिन उसका कम से कम एक सीट जीतना तय है। सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि परिषद में विपक्ष की भी आवाज होनी चाहिए।

विधायकों की खरीद-फरोख्त की आदी हो चुकी सरकार

जब राउत से पूछा गया कि क्या विधानसभा चुनाव निर्विरोध होंगे, तो उन्होंने कहा कि सरकार अहंकारी है और विधायकों की खरीद-फरोख्त की आदी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार और हवाला के माध्यम से अर्जित भारी मात्रा में धन के जरिये विधायकों की खरीद-फरोख्त करती है।

विधान परिषद चुनावों से पहले शिवसेना (यूबीटी) द्वारा अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारने की नयी कोशिश से राकांपा (शप) और कांग्रेस को झटका लग सकता है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी आगामी चुनावों में राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार न भेज पाने से पहले ही नाराज है।

नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 13 मार्च

महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव हो रहे हैं और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 13 मार्च है। सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पक्ष में सीट की संख्या काफी अधिक है।

इस बीच, आदित्य ठाकरे ने भी परोक्ष रूप से राज्यसभा चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार उतारने का मौका नहीं मिल पाने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या के हिसाब से हमारी पार्टी सबसे बड़ी थी, लेकिन सीट सबसे कम विधायकों वाली पार्टी राकांपा (शप) को दे दी गई।

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