Sanjay Gaikwad Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mahayuti Alliance Conflict Maharashtra: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में महायुति सरकार के भीतर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है। शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। निकट भविष्य में इसका असर महायुति सरकार और महाराष्ट्र की राजनीति में देखने को मिल सकता है।
स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच यह सहमति बनी थी कि दोनों दल एक-दूसरे के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल नहीं करेंगे। लेकिन बुलढाणा में इस समझौते को दरकिनार कर शिवसेना ने बड़े पैमाने पर पक्षप्रवेश करवा दिया, जिससे विवाद गहरा गया है।
चिखली तालुका में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में भाजपा समेत अन्य दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शिवसेना का दामन थाम लिया।
विधायक संजय गायकवाड़ के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में करीब 30 गांवों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे भाजपा को बड़ा झटका माना जा रहा है।
इस मौके पर विधायक संजय गायकवाड़ ने भाजपा की महिला विधायक श्वेता महाले पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाले उनके कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों को धमकाती हैं और काम के बदले पार्टी बदलने का दबाव बनाती हैं। आलोचना के दौरान गायकवाड़ की जुबान भी फिसल गई, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
गायकवाड़ ने कहा कि उनकी राजनीति साफ है और वे सीधे मुकाबले में विश्वास रखते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे दबाव या साजिश की राजनीति नहीं करते।
ये भी पढ़े: मुंबई डब्बेवाला सेवा को मिलेगा आधुनिक विस्तार, 105 ई-बाइक्स और थीम गेटवे की तैयारी
गायकवाड़ के बयान और पक्षप्रवेश के घटनाक्रम से महायुति गठबंधन में एक बार फिर दरार गहराने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ती खींचतान आने वाले समय में और तेज हो सकती है।
लगातार हो रहे पक्ष प्रवेशों से शिंदे गुट की ताकत बढ़ती नजर आ रही है। राज्यभर में अन्य जगहों पर भी ऐसे घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जिससे आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।