Dubai Teenager Car Accident Mumbai प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Dubai Teenager Car Accident Mumbai: मुंबई के साकीनाका इलाके में एक बार फिर रोंगटे खड़े कर देने वाला ‘हिट-एंड-रन’ मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग की तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। नाहर सोसाइटी के पास हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में 17 वर्षीय प्रतीक माने की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई सुमित गंभीर रूप से घायल है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी चालक भी महज 17 साल का है, जो विशेष रूप से ईद मनाने के लिए दुबई से मुंबई आया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इस घटना ने नाबालिगों के हाथ में स्टीयरिंग थमाने वाले अभिभावकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह हादसा उस समय हुआ जब प्रतीक और सुमित अपने दोपहिया वाहन पर जा रहे थे। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रतीक उछलकर दूर जा गिरा और सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी तत्काल मृत्यु हो गई।
साकीनाका पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी नाबालिग चालक मूल रूप से दुबई में रहता है और वह ईद के त्योहार के लिए अपने रिश्तेदारों के पास मुंबई आया था। बिना ड्राइविंग लाइसेंस और अनुभव के, वह नाहर सोसाइटी की सड़कों पर तेज रफ्तार से कार दौड़ा रहा था। इस लापरवाही ने न केवल प्रतीक की जान ली, बल्कि ईद की खुशियों को भी गहरे मातम में बदल दिया। पुलिस ने आरोपी के साथी मोहम्मद खान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जो उस समय उसके साथ मौजूद था।
दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक ने रुकने या घायलों की मदद करने के बजाय मौके से भागना बेहतर समझा। हालांकि, साकीनाका पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से चंद घंटों के भीतर ही उसे ढूंढ निकाला। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर किशोर सुधार गृह (Observation Home) भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि नाबालिग को कार की चाबियां किसने दी थीं, क्योंकि कानूनन गाड़ी के मालिक पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
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पुणे के बहुचर्चित पोर्श कांड के बाद मुंबई की यह घटना एक बार फिर समाज के लिए चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वाहन देना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह दूसरों की जान के साथ खिलवाड़ भी है। प्रतीक माने के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपी के साथ-साथ उसे गाड़ी देने वाले जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। साकीनाका पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि अदालत में पुख्ता चार्जशीट पेश की जा सके।