Mumbai Ranibaug Zoo Visitors: रानीबाग चिड़ियाघर में घटे पर्यटक, तीन साल में आय में बड़ी गिरावट
Mumbai Ranibaug Zoo Visitors: मुंबई के रानीबाग चिड़ियाघर में पिछले तीन वर्षों से पर्यटकों की संख्या घट रही है। इसके चलते आय में भी कमी आई है, जिससे प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
रानी बाग जू (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Ranibaug Zoo Visitors Decline Revenue: शहर के मशहूर रानीबाग चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। बीते तीन वर्षों के आंकड़े इस गिरावट की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं, जिसका असर सीधे तौर पर चिड़ियाघर की आय पर भी पड़ा है।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2022-23 में लगभग 29.56 लाख लोग यहां पहुंचे थे, जिससे करीब 11.59 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। 2023-24 में आगंतुकों की संख्या घटकर 28.97 लाख रह गई और आय भी मामूली गिरावट के साथ 11.46 करोड़ तक सीमित रही। 2025-26 में स्थिति और बिगड़ गई, जब विजिटर्स की संख्या गिरकर 25.42 लाख तक आ गई और कमाई भी घटकर करीब 9.85 करोड़ रह गई।
गिरावट के पीछे कई कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में बढ़ते नए मनोरंजन साधन, डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर लोगों का झुकाव, गर्म मौसम और भीड़भाड़ जैसी समस्याएं इस कमी की प्रमुख वजह है।
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इसके अलावा, रानीबाग चिड़ियाघर में नए आकर्षणों और गतिविधियों की कमी भी लोगों की दिलचस्पी घटा रही है। कभी परिवारों और बच्चों के लिए पहली पसंद रहने वाला यह चिड़ियाघर अब धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता खोता नजर आ रहा है।
एशियाटिक शेर लाने का हो रहा प्रयास
- पहले जहां छुट्टियों और सप्ताहांत पर भारी भीड़ उमड़ती थी, वहीं अब लोगों का रुख अन्य मनोरंजन स्थलों की ओर बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यहां नई सुविधाएं, आधुनिक आकर्षण और ज्यादा गतिविधियां शुरू की जाए, तो फिर से भीड़ लौट सकती है। - बता दें कि रानी बाग में एशियाटिक शेर पिछले कई वर्षों से लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में महापौर रितू तावडे ने गुजरात सरकार को पत्र भी लिखा है। दरअसल, बीएमसी इजरायल देश से जेब्रा लाने वाली थी जिसमे से एक जोड़ी जेब्रा गुजरात वन विभाग को सौंपकर बदले में एशियाटिक शेर लेने का प्रस्ताव था। वहीं अब रॉयल बंगाल टाइगर लाने की चर्चा जारी है।
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प्रशासन के सामने चुनौती
लगातार घटती संख्या प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। यदि समय रहते सुधार के कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में चिड़ियाघर की पहचान और आय दोनों पर और नकारात्मक असर पड़ सकता है।
