Maharashtra Food Traders License: महाराष्ट्र में खाद्य व्यापारियों को बड़ी राहत, लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म
Maharashtra Food Traders License News: महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य वस्तुओं के व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए लाइसेंस अनिवार्यता खत्म कर दी है। नए आदेश से व्यापारियों को कारोबार करने में आसानी होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र फ़ूड ट्रेडर्स लाइसेंस (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Food Traders License Rule: महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य वस्तुओं के थोक एवं खुदरा व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से किसी प्रकार का अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
आपूर्ति विभाग के नए आदेश के अनुसार, तेल, तिलहन, चावल, गेहूं एवं उनके उत्पाद (सूजी, मैदा, आटा), ज्वार, बाजरा, चीनी, गुड़, दलहन, वनस्पति, प्याज और आलू के व्यापारियों को अब किसी भी प्रकार का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ ने किया फैसले का स्वागत
इस फैसले का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेल, तिलहन, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, चीनी, गुड़, दलहन, वनस्पति, प्याज और आलू जैसी आवश्यक वस्तुओं पर लाइसेंस की बाध्यता समाप्त कर दी थी।
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लाइसेंस व्यवस्था पुनः लागू करने का अधिकार
हालांकि, वर्ष 2022 में दालों के बढ़ते दामों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को स्टॉक सीमा लागू करने और आवश्यकतानुसार लाइसेंस व्यवस्था पुनः लागू करने का अधिकार दिया था।
लेकिन 24 दिसंबर 2025 को महाराष्ट्र के आपूर्ति विभाग द्वारा जारी एक आदेश में व्यापारियों के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने की बात कही गई, जिससे व्यापारियों में असंतोष फैल गया। इस पर महासंघ सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य के आपूर्ति सचिव से मुलाकात कर आदेश को वापस लेने की मांग की।
