मोनालिसा की शादी से हुआ है LPG का संकट! सामना में उद्धव गुट ने नव-हिंदुत्ववादियों पर साधा निशाना
Saamana Editorial on Love Jihad: शिवसेना (UBT) के मुखपत्र सामना ने मोनालिसा भोसले की शादी पर हो रहे हंगामे को LPG संकट से जोड़ते हुए हिंदुत्ववादी संगठनों पर तीखा व्यंग्य किया है।
- Written By: अनिल सिंह
Saamana Editorial on Love Jihad (फोटो क्रेडिट-X)
Monalisa Marriage LPG Crisis: सोशल मीडिया पर ‘रुद्राक्ष गर्ल’ के नाम से मशहूर हुई मोनालिसा भोसले की शादी ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद छेड़ दिया है। महाकुंभ 2025 में माला बेचते हुए अपनी खूबसूरती और मुस्कान से करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाली मोनालिसा ने हाल ही में फरमान खान नामक युवक से विवाह कर लिया। इस अंतरधार्मिक विवाह को लेकर जहां कुछ हिंदूवादी संगठन ‘लव जिहाद’ का आरोप लगा रहे हैं, वहीं शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए केंद्र सरकार और नव-हिंदुत्ववादियों पर तीखा प्रहार किया है।
सामना के संपादकीय में इस विवाद को व्यंग्यात्मक मोड़ देते हुए देश की ज्वलंत समस्याओं, विशेषकर LPG गैस संकट से जोड़ा गया है। उद्धव गुट ने आरोप लगाया है कि जब देश गंभीर आर्थिक और संसाधन संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब सत्ता पक्ष और उनके समर्थक एक लड़की की निजी पसंद को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में जुटे हैं।
“मोनालिसा की शादी और LPG संकट”: सामना का तंज
सामना ने अपने लेख में कटाक्ष करते हुए लिखा है कि जिस तरह से इस शादी पर हंगामा मचाया जा रहा है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे भारत की तमाम समस्याओं की जड़ यही है। संपादकीय में लिखा गया, “मानो खाड़ी देशों में युद्ध भड़कने से भारत में जो एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पैदा हुई और सिलेंडरों के लिए कतारें लगीं, वे जैसे मोनालिसा की शादी के कारण ही पैदा हुई हैं।” शिवसेना (UBT) ने तंज कसा कि यदि यह शादी नहीं होती, तो शायद देश की सारी समस्याएं चुटकी बजाते ही हल हो जातीं।
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नव-हिंदुत्ववादियों और दोहरे मापदंडों पर हमला
लेख में उन संगठनों और नेताओं पर कड़ा निशाना साधा गया है जो धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का काम करते हैं। सामना ने लिखा कि ये वे लोग हैं जो गांधी जी के हत्यारे का महिमामंडन करते हैं और मुसलमानों के बहिष्कार की बात करते हैं, लेकिन चुनाव की रात उन्हीं की बस्तियों में जाकर सौदेबाजी करते हैं। संपादकीय के अनुसार, संविधान हर वयस्क को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार देता है, और स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत इस पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
“दहेज और घरेलू हिंसा पर चुप क्यों हैं?”
शिवसेना (UBT) ने धर्मांतरण विरोधी कानून और ‘लव जिहाद’ पर बहस करने वालों से तीखा सवाल पूछा है। संपादकीय में कहा गया कि जो लोग मोनालिसा की शादी से दुखी हैं, उन्हें अपने ही धर्म की उन बेटियों के आंसू भी देखने चाहिए जो दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही हैं। लेख के अनुसार, “धूमधाम से शादी करके नई बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करने वाली घटनाओं को भी ‘लव जिहाद’ की तरह ही गंभीर मानकर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।” समाज में बढ़ते तलाक और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को नजरअंदाज कर केवल अंतरधार्मिक विवाहों पर राजनीति करना पाखंड है।
सुरक्षा की गुहार और मोनालिसा का पक्ष
मोनालिसा भोसले, जो भटके-विमुक्त समाज से आती हैं, ने स्पष्ट किया है कि यह शादी उनकी मर्जी से हुई है। उन्होंने बताया कि उनके पिता उन पर अपनी ही बिरादरी के एक लड़के से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जो उनका भाई जैसा लगता था। मोनालिसा ने दावा किया कि अपनी मर्जी से शादी करने के बाद अब उनकी और उनके पति की जान को खतरा है, जिसके कारण उन्हें केरल में शरण लेनी पड़ी। सामना ने इस बयान का समर्थन करते हुए मानवीय भावनाओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सर्वोपरि बताया है।
