महिला आयोग के अध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा दें चाकणकर, CM फडणवीस ने दिया आदेश
Rupali Chakankar Resignation: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक भोंदूबाबा मामले में करीबी संबंधों के कारण महिला आयोग की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर को तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Rupali Chakankar Resignation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: संकेत मिल रहे हैं कि महाराष्ट्र स्टेट विमेंस कमीशन की चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर को नासिक के भोंदूबाबा कैप्टन अशोक खराट से करीबी के कारण पद छोड़ना पड़ सकता है। वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक भोंदूबाबा मामले में अपनी बात रखने गई चाकणकर को तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया है।
नासिक के भोंदूबाबा अशोक खराट, जो स्वयं को ज्योतिष का एक्सपर्ट कहते हैं, पर ठगी और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगे हैं। चाकणकर की खराट के मंदिर और ट्रस्ट से कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे उन्हें काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
चाकणकर को पद से हटाया जा सकता है
मुख्यमंत्री ने रूपाली चाकणकर को वर्षा बंगले में बुलाकर नासिक भोंदूबाबा केस पर चर्चा की। शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे हुई इस बैठक में चाकणकर ने अपना पक्ष रखा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया। एनसीपी के स्टेट प्रेसिडेंट सुनील तटकरे ने भी संकेत दिए कि नासिक केस की निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिसमें चाकणकर को पद से हटाया जा सकता है।
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चारों ओर से हो रही निंदा
बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति इस समय राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर और विवादित आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात के बीच कथित संबंधों को लेकर गरमा गई है। रूपाली चाकणकर की अशोक खरात के पैरों में गिरने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद अब नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट ने उनकी कड़ी आलोचना की है।
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शरद पवार गुट के सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना करते हुए पोस्ट किया है। कोल्हे ने कविता के आधार पर सीधे चाकणकर की नैतिकता पर सवाल उठाया था। समाजसेविका अंजली दमानिया से लेकर उबाठा की सुषमा अंधारे ने भी चाकणकर पर कड़ी निंदा की है।
ऐसा है राजनीतिक करियर
रूपाली चाकणकर की पहली अपॉइंटमेंट 21 अक्टूबर, 2021 को हुई थी। अक्टूबर 2024 में उनके कार्यकाल के खत्म होने से पहले राज्य सरकार ने उन्हें लगातार दूसरी बार उसी पद पर नियुक्त किया। इस नियुक्ति की अवधि 3 साल की है। पहली बार उन्हें महा विकास अघाड़ी सरकार ने चुना था और दूसरे टर्म के लिए ग्रैंड अलायंस सरकार ने उन्हें दोबारा नियुक्त किया।
