नसीहत देने से पहले अपना दामन देखें, कैश फॉर ट्रांसफर को लेकर CM फडणवीस का विपक्ष पर प्रहार
Nasrapur Case: क्या कैश फॉर ट्रांसफर के आरोपी सरकार को नैतिकता सिखाएंगे? नसरापुर कांड पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष को घेरा, वहीं संजय राउत ने लाडली बहना योजना पर उठाए गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय राउत व देवेंद्र फडणवीस (एआई फोटो)
Devendra Fadnavis Slams Opposition: पुणे जिले के नसरापुर में एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। जहाँ एक ओर इस घटना को लेकर जनता में भारी आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर राज्य की सियासत इस मुद्दे पर पूरी तरह गर्मा गई है। रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के हमलों का कड़ा जवाब देते हुए उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान के आचरण पर गौर करने की नसीहत दी।
कैश फॉर ट्रांसफर वालों से नहीं चाहिए नसीहत
नागपुर में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्षी नेताओं, विशेषकर उद्धव गुट के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को हास्यास्पद करार दिया। फडणवीस ने कहा, यह विडंबना ही है कि जो लोग खुद कैश फॉर ट्रांसफर जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे रहे हैं, वे आज सरकार को नैतिकता और कानून-व्यवस्था पर व्याख्यान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष कभी भी अपनी गलतियों का आत्ममंथन नहीं करता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे सत्ता में थे, तब की उनकी कार्यशैली कैसी थी, यह जनता भूली नहीं है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कानून अपना काम करेगा।
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#WATCH | Nagpur: Regarding opposition leaders’ remarks on the Pune rape and murder case, Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis says, “…Opposition is that they never introspect or look into their own conduct. They fail to acknowledge what transpired during their own… pic.twitter.com/o59i16ym5A — ANI (@ANI) May 3, 2026
क्या है नसरापुर की हृदयविदारक घटना?
पुणे के ग्रामीण इलाके में एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने चार साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप सिंह गिल के अनुसार, आरोपी पीड़ित बच्ची के पड़ोस में ही रहता था। बच्ची के लापता होने के बाद जब परिजनों ने तलाश शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज में आरोपी मासूम को ले जाते हुए दिखाई दिया।
पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी को सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है। उसके खिलाफ 2015 का एक POCSO मामला भी दर्ज है, जिससे उसकी आपराधिक मानसिकता स्पष्ट होती है।
संजय राउत का तीखा हमला
इससे पहले, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार को अक्षम और निकम्मा बताया था। उन्होंने सरकार की महात्वाकांक्षी लाडली बहना योजना पर निशाना साधते हुए पूछा, क्या आप उस पीड़ित माँ की ममता और भावनाओं को 1500 रुपये में खरीद सकते हैं? शायद वह माँ भी आपकी लाडली बहना हो सकती है।
संजय राउत ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल VIP सुरक्षा और दूसरे राज्यों (तमिलनाडु, केरल, असम, बंगाल) के दौरों में व्यस्त है, जबकि महाराष्ट्र की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मासूम के शव के साथ न्याय की मांग कर रहे आम लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जो लोकतंत्र और संविधान की हत्या है।
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गरमाई सियासत
फिलहाल, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस कड़ी सजा दिलाने के लिए सबूत जुटा रही है। लेकिन इस संवेदनहीन अपराध ने एक बार फिर महाराष्ट्र में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की कटुता को सतह पर ला दिया है। जहाँ विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सरकार इसे पुरानी फाइलों को खोलकर विपक्ष को आईना दिखाने का मौका मान रही है।
