

Rupali Chakankar Viral Photos Ashok Kharat: महाराष्ट्र के नाशिक में खुद को 'अंक शास्त्रज्ञ' और 'कॉस्मोलॉजी विशेषज्ञ' बताने वाले अशोक खरात उर्फ कैप्टन को पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार 18 मार्च 2026 की तड़के बलात्कार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक हलकों में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है क्योंकि खरात के संबंध राज्य के बेहद प्रभावशाली नेताओं और हस्तियों के साथ रहे हैं। सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में एक 35 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह मामला तब और अधिक गरमा गया जब सोशल मीडिया पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के कुछ फोटो और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें वे इस स्वयंभू बाबा के चरणों की पूजा करती नजर आ रही हैं।
अशोक खरात की गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने नाशिक के कनाडा कॉर्नर स्थित उसके आलीशान कार्यालय पर छापा मारा, जहाँ से एक संदिग्ध पेनड्राइव बरामद की गई है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस पेनड्राइव में लगभग 58 प्रभावशाली व्यक्तियों के वीडियो मौजूद हैं, जिनमें कई राजनेता, मंत्री और मनोरंजन जगत के बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। खरात ने सिन्नर तालुका के मिरगाँव में श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की थी, जिसका वह स्वयं अध्यक्ष है। दिलचस्प बात यह है कि इस ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण सदस्य रूपाली चाकणकर भी बताई जा रही हैं। खरात की पहुँच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल जैसी हस्तियां भी उसके आश्रम में दर्शन के लिए जा चुकी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में रूपाली चाकणकर न केवल अशोक खरात के सिर पर छतरी पकड़े दिख रही हैं, बल्कि वे उसके पैरों की पूजा (पाद्य पूजन) करते हुए भी नजर आ रही हैं। राज्य महिला आयोग जैसे संवैधानिक पद पर बैठी महिला, जिसकी जिम्मेदारी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना है, उसका एक ऐसे आरोपी के प्रति अंधभक्ति दिखाना जनता के बीच आक्रोश पैदा कर रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच संभव हो पाएगी। चाकणकर की इस भूमिका ने विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है।
अशोक खरात ने अपने करियर की शुरुआत मर्चेंट नेवी से की थी, जहाँ से सेवानिवृत्त होने के बाद उसने अंकशास्त्र और ग्रहों के प्रभाव बताने का व्यवसाय शुरू किया। बहुत ही कम समय में उसने अपनी बातों और भविष्य बताने के दावों से बड़े-बड़े उद्योगपतियों और राजनेताओं को अपना भक्त बना लिया। सिन्नर का उसका मंदिर केंद्र बिंदु बन गया जहाँ सत्ता के गलियारों के लोग अपनी किस्मत चमकाने पहुँचते थे। अब बलात्कार के आरोप लगने के बाद उसके 'कैप्टन' से 'भोंदू बाबा' बनने की सच्चाई दुनिया के सामने आ रही है।
पुलिस द्वारा बरामद की गई पेनड्राइव इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। जांच अधिकारियों को संदेह है कि खरात इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या प्रभाव जमाने के लिए करता था। बुधवार को उसे नाशिक कोर्ट में पेश किया जा रहा है जहाँ पुलिस उसकी अधिकतम कस्टडी की मांग करेगी। यदि पेनड्राइव में मौजूद वीडियो सार्वजनिक होते हैं या उनमें किसी आपराधिक गतिविधि के सबूत मिलते हैं, तो कई बड़े नामों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक सकती है। नाशिक पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घिनौने कृत्य में उसके साथ कुछ अन्य सहयोगी भी शामिल थे।