Kishori Pednekar Reaction On Ritu Tawde (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Ritu Tawde Mumbai Mayor 2026: मुंबई की सियासत में 44 साल बाद भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद पर वापसी कर एक बड़ा दांव खेला है। रितु तावड़े को मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने विपक्षी खेमे, विशेषकर शिवसेना (UBT) की ‘मराठी अस्मिता’ वाली रणनीति की हवा निकाल दी है। बीजेपी के इस मास्टरस्ट्रोक का असर यह हुआ कि उद्धव ठाकरे गुट ने अपना उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया है। बीएमसी में शिवसेना (UBT) की समूह नेता किशोरी पेडनेकर ने स्पष्ट किया कि चूंकि बीजेपी ने एक मराठी महिला को मौका दिया है, इसलिए वे इस चयन में कोई ‘अशुभ’ बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे।
रितु तावड़े (53) मुंबई की 78वीं और इस पद को संभालने वाली आठवीं महिला मेयर होंगी।
शिवसेना (UBT) और संजय राउत का दावा है कि बीजेपी को रितु तावड़े का नाम इसलिए चुनना पड़ा क्योंकि चुनाव में ठाकरे और मनसे के ‘मराठी कार्ड’ को जनता का भारी समर्थन मिला था। किशोरी पेडनेकर ने कहा, “उन्होंने एक मराठी चेहरा दिया है, इसलिए हम कोई विरोधी कदम नहीं उठाएंगे। हम विपक्ष की जिम्मेदारी निभाएंगे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के ‘3M फॉर्मूले’ (मराठी, महिला और मुंबईकर) ने विपक्ष के पास पैंतरेबाजी के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी, जिससे रितु तावड़े की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया।
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रितु तावड़े का राजनीतिक सफर संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने 2007 में कांग्रेस से शुरुआत की थी, लेकिन 2012 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी पहचान एक आक्रामक और जमीनी नेता के रूप में बनी।
पहचान: घाटकोपर में पानी की किल्लत के खिलाफ उनका ‘हंडा मोर्चा’ काफी चर्चित रहा था।
शिक्षा और अनुभव: बी.कॉम (द्वितीय वर्ष) तक शिक्षित तावड़े बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं।
मराठी-गुजराती तालमेल: तावड़े खुद मराठा समुदाय से हैं, लेकिन उन्होंने गुजराती बहुल क्षेत्र घाटकोपर (पूर्व) से 16,165 वोटों से जीत दर्ज कर दोनों समुदायों में अपनी स्वीकार्यता साबित की है।
देश की सबसे अमीर महानगरपालिका की कमान संभालने जा रही रितु तावड़े खुद भी आर्थिक रूप से समृद्ध हैं। 2025 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 5.26 करोड़ रुपये है। वे ‘M.R.R. Enterprises’ की मालकिन हैं और उनके पति राजेश तावड़े भी एक सफल व्यवसायी हैं। उनका परिवार शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे है; उनका बेटा कंप्यूटर इंजीनियर है और बेटी वकालत (एडवोकेट) के पेशे में है। बीजेपी महिला मोर्चा में विभिन्न पदों पर काम करने का उनका लंबा अनुभव अब मुंबई के प्रशासनिक कार्यों में काम आएगा।